भूतबलि वाक्य
उच्चारण: [ bhutebli ]
उदाहरण वाक्य
- आचार्य गुणधर कृत ' कसाय-पाहुड ' एवं आचार्य पुष्पदन्त एवं भूतबलि कृत ' षट्खण्डागम '-ये दो जैनधर्म के ऐसे विशाल एवं अमूल्य-सिद्धान्त ग्रन्थ हैं, जिनका सीधा सम्बन्ध तीर्थंकर महावीर स्वामी की द्वादशांग वाणी से माना जाता है।
- गिरनार में धरसेनाचार्य का उपदेश ग्रहण कर पुष्पदंत और भूतबलि आचार्यों के द्रविड़ देश को जाने और वहीं आगम की सूत्र-रूप रचना करने के वृत्तान्त से यह भी सिद्ध होता है कि उक्त काल में काठियावाड़-गुजरात से लेकर सुदूर तामिल प्रदेश तक जैन मुनियों का निर्बाध गमनागमन हुआ करता था।
- उन्होंने वही ज्ञान पुष्पदंत और भूतबलि आचार्यों को प्रदान किया और उन्होंने उसी ज्ञान के आधार से सत्कर्मप्राभृत अर्थात् षठ्खंडागम की सूत्र रूप रचना की। क्रमश.....23 ********** इसके मूल लेखक है........... डॉ. हीरालाल जैन, एम. ए., डी. लिट्., एल. एल. बी., अध्यक्ष-संस्कृत, पालि, प्राकृत विभाग, जबलपुर विश्वविद्यालय ; म.