भोजदेव वाक्य
उच्चारण: [ bhojedev ]
उदाहरण वाक्य
- इस काल में सीयक द्वितीय, मुंजदेव, भोजदेव, उदयादित्य, नरवर्मन जैसे महान शासकों ने साहित्य, कला एवं संस्कृति की अभूतपूर्व सेवा की.
- मनु के अनेक टीकाकारों के नाम ज्ञात हैं, जिनकी टीकाएँ अब लुप्त हो गई हैं, यथा-असहाय, भर्तृयज्ञ, यज्वा, उपाध्याय ऋजु, विष्णुस्वामी, उदयकर, भारुचि या भागुरि, भोजदेव धरणीधर आदि।
- मनु के अनेक टीकाकारों के नाम ज्ञात हैं, जिनकी टीकाएँ अब लुप्त हो गई हैं, यथा-असहाय, भर्तृयज्ञ, यज्वा, उपाध्याय ऋजु, विष्णुस्वामी, उदयकर, भारुचि या भागुरि, भोजदेव धरणीधर आदि।
- मनु के अनेक टीकाकारों के नाम ज्ञात हैं, जिनकी टीकाएँ अब लुप्त हो गई हैं, यथा-असहाय, भर्तृयज्ञ, यज्वा, उपाध्याय ऋजु, विष्णुस्वामी, उदयकर, भारुचि या भागुरि, भोजदेव धरणीधर आदि।
- ग्यारहवी शती के राजा भोज आदि ने न केवल महाकाल का सादर स्मरण किया, अपितु भोजदेव ने तो महाकालमन्दिर को पंचदेवाय्रान से सम्पन्न भी कर दिया था.
- परमार वंश के शासक भोजदेव के वंशज अर्जुन को लेख में भोज का अवतार कहा गया है और वही नाटिका के नायक और इस प्रशस्ति के राजा अर्जुनवर्मन हैं।
- इस मंदिर का निर्माण परमार वंशीय महान राजा भोज (भोजदेव) के शासन काल (१ ० १ ०-१ ० ५ ३) में हुआ था.
- (जाति की बेटी नहीं हूँ मैं हे विप्र देवता, किन्तु करम की बेटी मैं हूं बेटी राजा भोजदेव की और भतीजी का रिश्ता है आपसे मेरा इस पावन रिश्ते को पहचान लीजिये।)
- राजा भोजदेव ने अपने ग्रंथ ' सरस्वती कष्ठाभरण ' में सुवसंतक वाले दिवस स्त्रियों द्वारा कंठ में कुवलय की माला तथा कान में दुर्लभ आम्रमंजरियों को धारण करने का वर्णन किया है।
- (जाति की बेटी नहीं हूँ मैं हे विप्र देवता, किन्तु करम की बेटी मैं हूं बेटी राजा भोजदेव की और भतीजी का रिश्ता है आपसे मेरा इस पावन रिश्ते को पहचान लीजिये।