मत्स्यपुराण वाक्य
उच्चारण: [ metseypuraan ]
उदाहरण वाक्य
- तमसा पिप्पलीश्येनी तथा चित्रोत्पलापि च।।” मत्स्यपुराण-भारतवर्ष वर्णन प्रकरण-50 / 25)
- जो मत्स्यपुराण के अध्याय 249 के इस श्लोक संख्या 4 से स्पष्ट है-
- १६. मत्स्यपुराण: उन्नीस हजार श्लोकों वाला यह भी एक प्राचीन ग्रंथ है।
- यह दूरी दो योजन तक है (मत्स्यपुराण अध्याय १ ८ १.
- न करे।” मत्स्यपुराण के 280वें अध्याय में पंचलांगलक नाम के दान से भी
- करने वाले का क्या कहना हैं, उस पर भी विशेषकर क्षत्रिय का?” मत्स्यपुराण
- महाभारत, रामायण, मत्स्यपुराण आदि महाकाव्यों में वास्तु का वर्णन मिलता है।
- मत्स्यपुराण में भी वेध को हर हाल में टालकर वास्तु निर्माण का निर्देश है।
- मत्स्यपुराण कहता हैं कि नीरोगिता की इच्छा हैं तो सूर्य की शरण में जाओ।
- मत्स्यपुराण कहता हैं कि नीरोगिता की इच्छा हैं तो सूर्य की शरण में जाओ।