मध्युगीन वाक्य
उच्चारण: [ medheyugain ]
उदाहरण वाक्य
- एक नई साहित्यिक भाषा विकसित हुई और कितनी ही मध्युगीन वास्तुकला, चित्रकला और संगीत कलाओं के साथ-साथ अन्य कलाओं में भी भारी परिवर्तन आये और ऐसी नई शैलियों ने जन्म लिया, जिनमें दोनों के ही तत्त्व विद्यमान थे।
- एक नई साहित्यिक भाषा विकसित हुई और कितनी ही मध्युगीन वास्तुकला, चित्रकला और संगीत कलाओं के साथ-साथ अन्य कलाओं में भी भारी परिवर्तन आये और ऐसी नई शैलियों ने जन्म लिया, जिनमें दोनों के ही तत्त्व विद्यमान थे।
- किसी का सिफलिस से मर जाना (अगर इसे मृत्यु की वजह मान भी ली जाए तो) और केवल इसी आधार पर उसके चरित्र पर उंगली उठाना उस मध्युगीन पिछड़ी मानसिकता का द्योतक है जिसमें कोढ़ को पूर्वजन्मों का पाप माना जाता था.
- इन बहेर कांग्रेसी कानो में कहेना चाहूँगा की इस्लामिक आतंकवाद कल भी एक सच्चाई था और आज भी एक सच्चाई है और इस धरा पर जबतक एक किताब का शासन और उसको चलाने वालो की मध्युगीन दुर्दान्त और पशुता है तब तक हिन्दुस्तान का खून बहेता रहेगा.
- मध्युगीन शताब्दियों में विद्वानों एवं बुद्धिजीवियों को मृत्युदण्ड दिया जाता रहा और उसके पश्चात दासप्रथा व तथा दसियों लाख की संख्या में लोगों को बेचने, निर्दोष लोगों के शिकार, उन्हें उनके परिवार से अलग करने तथा अत्यंत विषम परिस्थितियों में उन्हें युरोप तथा अमरीका पहुंचाने का काम जारी रहा।
- यूँ यह संग्रहालय इतना बड़ा है कि पूरा देखने में एक हफ्ता तो लग ही जाये पर हम दो घंटे में घूम घाम कर निकल आये उसके बाद हमारा लक्ष्य था नोट्रे दाम कथेड्रल-कहा जाता है कि मार्बल के इस खूबसूरत चर्च को देखे बिना पेरिस की यात्रा अधूरी है. मध्युगीन पेरिस के गोथिक वास्तुकला का यह एक अद्भुत नमूना है.
- मध्युगीन रक्त पिपासु, दुर्दांत, ठगों की रहस्मय, गूड, कूट खूनी भाषा “ रामोसी ” सोलहवीं शताव्दी से बीसवीं शताव्दी के प्रारंभिक दशकों तक आम और ख़ास लोगों के लिए समझना एक पहेली बना रहा, और इस खूनी भाषा के “ मायाजाल ” में फंसकर जाने कितने शूरवीर, पराकर्मी, योद्धाओं के लिए मौत का जाल बन गयी.
- टोलेमी ने गोआ का उल्लेख इसवी सन 200 के आस-पास गोउबा के रूप में किया है, ऐसा भी इतिहास कहता है कि अरब के मध्युगीन यात्रियों ने इस क्षेत्र को चंद्रपुर और चंदौर के नाम से अपने यात्रा वर्णन में उल्लेख किया है और इस स्थान का नाम पुर्तगाल के यात्रियों ने गोआ रखा वास्तव में वह आज का छोटा सा समुद्र तटीय शहर गोवा-वेल्हा है.
- टोलेमी ने गोआ का उल्लेख इसवी सन 200 के आस-पास गोउबा के रूप में किया है, ऐसा भी इतिहास कहता है कि अरब के मध्युगीन यात्रियों ने इस क्षेत्र को चंद्रपुर और चंदौर के नाम से अपने यात्रा वर्णन में उल्लेख किया है और इस स्थान का नाम पुर्तगाल के यात्रियों ने गोआ रखा वास्तव में वह आज का छोटा सा समुद्र तटीय शहर गोवा-वेल्हा है.
- किसी का सिफलिस से मर जाना (अगर इसे मृत्यु की वजह मान भी ली जाए तो) और केवल इसी आधार पर उसके चरित्र पर उंगली उठाना उस मध्युगीन पिछड़ी मानसिकता का द्योतक है जिसमें कोढ़ को पूर्वजन्मों का पाप माना जाता था.येसा सोचने और लिखने वाले महान आत्माएं हैं तो इस सदी में पर इनकी कलुषित आत्माएं अभी शायद उसी पुरातन युग में भटक रहीं हैं.