महाकश्यप वाक्य
उच्चारण: [ mhaakesheyp ]
उदाहरण वाक्य
- महाकश्यप ने देवताओं को एकतरफा किया और अपना भिक्षा का चोला पहना, भिक्षा का पात्र उठाया और राजगृह के उन इलाकों में भिक्षा माँगने गए जहाँ निर्धन थे, झोपड़ीयाँ थीं, जहाँ बुनकर रहते थे।
- महाकश्यप ने देवताओं को एकतरफा किया और अपना भिक्षा का चोला पहना, भिक्षा का पात्र उठाया और राजगृह के उन इलाकों में भिक्षा माँगने गए जहाँ निर्धन थे, झोपड़ीयाँ थीं, जहाँ बुनकर रहते थे।
- दुसरे प्रमुख शिष्य सारिपुत्र, आनंद, राहुल, उपाली, अनिरुद्ध, कात्यायन, सुभूति, पुन्ना मंतानिपुत्त, महाकश्यप, मौदग् लायन भी वहां उपस्थित थे और शांत ध्यान की मुद्रा में बैठकर तथागत को सुन रहे थे ।
- सोन गुफा के अतिरिक्त आप यहां पर गृद्धकूट पहाड़ी, अजातशत्रु का किला-,पिप्पली गुफा[इसी गुफा में बौद्ध गुरु महाकश्यप कई बार ठहरे थे], वेणुवन, जीवककरम मठ, तपोधर्म, सप्तपर्णी गुफा, जरासंध का अखाड़ा, बिंबिसार का जेल, शांतिस्तूप,वैभव पहाड़ी के किनारे गर्म पानी का झरना आदि देख सकते हैं.
- लेकिन शिष्यों के बीच बैठा एक शिष्य महाकस्यप अचानक जोर जोर से हसने लगा, हमेशा शांत रहने वाला महाकश्यप आज ठहाके मार मार के हसे जा रहा था! शिष्यों को लगा कि लगता है आज बुद्ध के साथ साथ इसको भी कुछ हो गया है!
- सुदूरदर्शी महास्थविर महाकश्यप ने भिक्षु सुभद्र के इन अभद्र शब्दों को सुनकर तत्क्षण यह निर्णय किया कि लोक कल्याणार्थ बुद्धवाणी को चिरकाल तक अविकल रूप में सुरक्षित रखने के लिए शीघ्र ही संगायन का आयोजन करना चाहिए अन्यथा इस प्रकार के अपरिपक्व स्वार्थी लोग इसमें से अपनी अनचाही बातें निकाल देंगे और मनचाही जोड़ देंगे।
- प्रश्न:-इस उपदेश का पांचों ब्राह्मणों पर क्या प्रभाव पड़ा? उत्तर:-पाँचों ने बुद्ध के सिद्धांतों को स्वीकार किया और बुद्ध के शिष्य बन गए! प्रश्न:-इस के बाद बुद्ध कहाँ गए? उत्तर:-उरुवेला गए, वहां उन्होंने महाकश्यप नामक व्यक्ति को उपदेश देकर अपने धम्म में शामिल किया!