महामति प्राणनाथ वाक्य
उच्चारण: [ mhaameti peraanenaath ]
उदाहरण वाक्य
- यहाँ मुझे उल्लेख करना चाहिए कि गुजरात में भी मध्यकालीन संतों का हिन्दी वाणी, ब्रजभाषा पाठशाला, तथा महामति प्राणनाथ जैसे क्षेत्रों में काम हुआ है पर अगर हम कह सकें तो हिन्दी वर्चस्व का स्वर तथा साहित्य की अपनी विशेष राजनीतिक दृष्टि के कारण उन कामों पर वैसा विचार नहीं हुआ है जिससे हिन्दी शिक्षण की भारतीयता उभर कर आती।
- उनकी प्रकाशित कृतियों मे शामिल है-उपन्यास-' पिछले पन्ने की औरतें ', कहानी संग्रह-' बाबा फ़रीद अब नहीं आते ', ' तीली-तीली आग ', साक्षरता विषयक-दस कहानी संग्रह, मध्य प्रदेश की आदिवासी जनजातियों के जीवन पर दस पुस्तकें, शोध ग्रंथ-खजुराहो की मूर्तिकला के सौंदर्यात्मक तत्व, न्यायालयिक विज्ञान की नयी चुनौतियाँ, महामति प्राणनाथ: एक युगांतरकारी व्यक्तित्व।