महामृत्युंजय यंत्र वाक्य
उच्चारण: [ mhaameriteyunejy yenter ]
उदाहरण वाक्य
- सर्व रोग निवारण कवच एवं महामृत्युंजय यंत्र के माध्यम से व्यक्ति के जन्मांग में स्थित कमजोर एवं पीडित ग्रहो के अशुभ प्रभाव को कम करने का कार्य सरलता पूर्वक किया जासकता हैं।
- डाॅक्टर, वैद्य से सफलता न मिलने पर यह महामृत्युंजय यंत्र एवं मंत्र मनुष्य को मृत्यु से बचाता है और शारीरिक पीड़ा को ही नहीं बल्कि मानसिक पीड़ा को भी नष्ट करता है।
- महामृत्युंजय यंत्र एवं मंत्र शारीरिक एवं मानसिक पीड़ा को नष्ट करने का सबसे बड़ा रामबाण उपाय नवीन राहुजा मानव की प्रकृति पांच प्रकार की है, जिससे पंचभूतात्मक सृष्टि का निरूपण होता है।
- महामृत्युंजय यंत्र का चित्र लगाकर इस मंत्र का जप सवा लाख की संख्या में पैंतालीस दिन में पूरी निष्ठा एवं पवित्रता से किया जाए, तो रोगी को निश्चित रूप से लाभ मिलता है।
- वैदिक ज्योतिष के अनुसार श्री महामृत्युंजय यंत्र का प्रयोग आसमयिक आने वाले मृत्यु को टालने के लिए, लंबी आयु के लिए, स्वास्थ्य के लिए तथा गंभीर कष्टों से मुक्ति पाने के लिए किया जाता है।
- संपूर्ण बाधामुक्ति यंत्र में महामृत्युंजय यंत्र, बगलामुखी यंत्र, नवग्रह यंत्र, वशीकरण यंत्र, वाहन दुर्घटना नाशक यंत्र, शनि यंत्र, राहु और केतु यंत्र, वास्तु दोष निवारण यंत्र, गणपति यंत्र और कालसर्प यंत्र सम्मिलित हैं।
- महामृत्युंजय यंत्र को सम्मुख रखकर रुद्र सूक्त का पाठ करने से अनोखा लाभ होता है और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से रुद्रसूक्त के मंत्रों में रश्मि विज्ञान के आधार पर इसमें गूढ़ रहस्य छुपे हैं जिस खोजने के लिए शुद्ध वैज्ञानिक मष्तिष्क् चाहिए।
- महामृत्युंजय यंत्र को सम्मुख रखकर रूद्र सूक्त का पाठ एवं महामृत्युंजय मंत्र का जप करने से अनोखा लाभ होता है और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी रुद्रसूक्त के मंत्रों में रश्मि-विज्ञान के आधार पर गूढ़ रहस्य छुपे हैं, जिसे खोजने के लिए शुद्ध वैज्ञानिक मस्तिष्क चाहिए।
- महामृत्युंजय यंत्र भगवान मृत्युंजय से सम्बन्धित है जिसका शाब्दिक अर्थ स्पष्ट है कि मृत्यु पर विजय इस देवता की आकृति देदीप्यमान है तथा ये नाना रूप धारण करने वाला है यह सब औषधि का स्वामी है तथा वैद्यों में सबसे बड़ा वैद्य है यह अपने उपासकों के पुत्र-पौत्रादि (बच्चों) तक को आरोग्य व दीर्घायु प्रदान करता है।
- वैदिक ज्योतिष ने श्री महामृत्युंजय यंत्र का प्रयोग भी अनेक प्रकार के कष्टों एवं बाधाओं को दूर करने के लिए बार बार किया है तथा आज भी वैदिक ज्योतिष में इस यंत्र के प्रयोग का बहुत चलन है तथा इस यंत्र के सफल प्रयोग से बहुत से जातक अनेक प्रकार की गंभीर से गंभीर समस्याओं से छुटकारा प्राप्त करते हैं।