रास पंचाध्यायी वाक्य
उच्चारण: [ raas penchaadheyaayi ]
उदाहरण वाक्य
- जिसमे ना सभी को प्रवेश मिलता है भागवत के पांच अध्याय पञ्च प्राण कहलाते हैं जिसमे मोहन ही मोहन नज़र आते हैं यहाँ तो वो ही प्रवेश कर सकता है जिसने “ स्व ” को दफ़न कर रखा है जब ऐसी अवस्था पाता है हर पल प्रभु दर्शन करता है “ स्व ” विस्मृत होते ही आत्म तत्व में रत होता है वो ही रास पंचाध्यायी में प्रवेश का हक़दार होता है
- महानगर-मायानगरी महक उठी महारास की पारम्परिक प्रस्तुति से स्वास्तिक रंगमण्डल मथुरा के तŸवावधान में अन्तर्रा ' ट्रीय ख्याति प्राप्त श्रीमती वन्दना सिंह के नेतृत्व में प्रतिभा ” ााली कलाकार-दल ने श्रीमद्भागवत के द ” ाम स्कन्ध में वर्णित रास पंचाध्यायी की कथा को गीत-संगीत-नृत्य में निबद्ध कर ध्वनि-प्रका ” ा की आधुनिक तकनीक से ऐसा श्रंगारित किया कि लगा कि “ ारत की चाँदनी में यमुना तट और ब्रज के वन-उपवनों में साक्षात् राधा-कृ ' ण और ब्रज-गोपिकाएँ रास रचा रहे हैं।