लोकमान्य बालगंगाधर तिलक वाक्य
उच्चारण: [ lokemaaney baaleganegaaadher tilek ]
उदाहरण वाक्य
- लोकमान्य बालगंगाधर तिलक (जन्म 23 जुलाई 1856, मृत्यु 1 अगस्त 1920) के विचारों पर भी पूर्वाग्रहप्रिय लोगों ने मीन-मेख की लाठियां भांजीं।
- बाद में लोकमान्य बालगंगाधर तिलक ने आजादी की लड़ाई के वक्त जब गणपति उत्सव की शुरुआत की, तो ढोल-ताशा को गणपति उत्सव का हिस्सा बना दिया।
- यह मराठी में लोकमान्य बालगंगाधर तिलक द्वारा प्रकाशित केसरी का हिन्दी संस्करण था जिसे सप्रे जी ने तिलक जी से अनुमति लेकर प्रकाशित करना आरम्न्ह किया था।
- यह वही जगतनारायण थे जिनकी मर्जी के खिलाफ सन् १ ९ १ ६ में बिस्मिल ने लोकमान्य बालगंगाधर तिलक की भव्य शोभायात्रा पूरे लखनऊ शहर में निकाली थी।
- देश और समाज की सेवा के लिए समर्पित दादाभाई नौरोजी नरमपंथी नेताओं के तो आदर्श थे ही, लोकमान्य बालगंगाधर तिलक जैसे गरमपंथी नेता भी उन्हे प्रेरणास्त्रोत मानते थे।
- लोकमान्य बालगंगाधर तिलक के प्रयास से गणेशोत्सव छुआछूत जैसी अनेकों सामाजिक बुराइयों का नाश करने वाला एक सशक्त हथियार बन गया।-छंद से सम्बंधित यह लेख भी आपको पसंद आएगा-छंद-
- लोकमान्य बालगंगाधर तिलक, रामप्रसाद बिस्मिल, लाला लाजपत राय, चंद्रशेखर आज़ाद, भक्त सिंह, सुभाषचंद्र बोस, महात्मा गांधी और विनोबा भावे जैसे सहस्रों लोग गीता से उद्दीप्त हो कर स्वतंत्रता का संग्राम लड़ते रहे।
- सोसायटी ऑफ इंडियन रिकार्ड कलेक्टर्स संस्था ने शुक्रवार को दावा किया कि वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य बालगंगाधर तिलक की आवाज का जो रिकार्डिग सुनाया गया है वह असल में उनकी आवाज नहीं है।
- लोकमान्य बालगंगाधर तिलक और उनसे जुड़ी कुछ तस्वीरें,,,,,,,,, (ये तस्वीरें प्रभा में 1920 में तिलक महाराज के निधन के पश्चात प्रकाशित हुई थीं, वहीं से इन्हें साभार प्रस्तुत किया जा रहा है ।
- लोकमान्य बालगंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय से लेकर महात्मा गांधी, पं. जवाहरलाल नेहरू, गणेश शंकर विद्यार्थी, अजीमुल्ला खान, पं. माखनलाल चतुर्वेदी, माधवराव सप्रे सबने पत्रकारिता के माध्यम से अपनी आवाज को लोगों तक पहुंचाने का काम किया।