लौह भस्म वाक्य
उच्चारण: [ lauh bhesm ]
उदाहरण वाक्य
- किसी भी व्याधि से मुक्त हाने के उपरान्त क्षीणता आ जाती है जोकि लौह भस्म के सेवन से कम हो जाती है।
- सूर्य तत्व नारंगी पानी में लौह भस्म के तत्व, अभ्रक भस्म के तत्व तथा शिलाजीत के तत्व भी समाए हुए होते हैं।
- आज का नीति परक दोहा-तुलसी हाय गरीब की कभी न खाली जाय, बिना जीव के सांस से लौह भस्म हो जाए.
- यह नाम भारत में पाई जाने वाली एक मिट्टी के रंग पर दिया गया है, जिसमें लौह भस्म का बाहुल्य होने से यह रंग आता है।
- इसीलिए तुलसी दास ने कहा-तुलसी हाय गरीब की, कभी न खाली जाय, बिना सांस के जीव के लौह भस्म हो जाए.
- अंबर, बंग भस्म, लौह भस्म 100 पुटी, अभ्रक भस्म, सहस्र पुटी, जायफल, छोटी इलायची के दाने, चौंसठ प्रहरी पीपल, लौंग, माणिक्य पिष्टी, केसर, जावित्री, अकरकरा, सब 6-6 ग्राम।
- अंबर, बंग भस्म, लौह भस्म 100 पुटी, अभ्रक भस्म, सहस्र पुटी, जायफल, छोटी इलायची के दाने, चौंसठ प्रहरी पीपल, लौंग, माणिक्य पिष्टी, केसर, जावित्री, अकरकरा, सब 6-6 ग्राम।
- या गाय का मूत्र तीन दिनों तक एक-एक चम्मच पिलायें, एक घंटे बाद आधा ग्राम तक लौह भस्म गुड के साथ खाने से शीघ्र लाभ होता है ।
- (6) शिलाजीत और बंगभस्म 20-20 ग्राम, लौह भस्म 10 ग्राम और अभ्रक भस्म 5 ग्राम, सबको खरल में खूब कूट-पीसकर घुटाई कर लें और 2-2 रत्ती की गोलियां बना लें।
- घटक द्रव्य: शुद्ध पारद, शुद्ध गन्धक, लौह भस्म 20-20 ग्राम, अभ्रक भस्म 40 ग्राम, कपूर, वंगभस्म, ताम्र भस्म, जायफल, जावित्री, गोखरू के बीज, शतावर, खरैंटी और गंगरेन 20-20 ग्राम।