विजय कुमार मिश्र वाक्य
उच्चारण: [ vijey kumaar misher ]
उदाहरण वाक्य
- सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के वफादार और पार्टी प्रवक्ता की भूमिका निभा रहे राजेंद्र चौधरी को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है, जबकि गाजीपुर के युवा विधायक विजय कुमार मिश्र राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाए गए हैं।
- घटना की जानकारी मिलते ही प्रदेश उपाध्यक्ष, जाले सीट से पार्टी प्रत्याशी विजय कुमार मिश्र व पूर्व केंद्रीय मंत्री मुनीलाल भी पहुंचे लेकिन कार्यकर्ताओं के तेवर को देख उन्होंने वहां से खिसक लेने में भलाई समझी।
- वह ऊपर से ठीक वैसे ही अवतरित हुए हैं जैसे कद्दावर नेते कर्पुरी ठाकुर के बेटे रामनाथ ठाकुर, ललित नारायण मिश्र के बेटे विजय कुमार मिश्र और जगन्नाथ मिश्र के बेटे रजनीति में अवतरित हु ए.
- प्रदेश के अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विजय कुमार मिश्र ने यह जानकारी देते हुए बताया कि कम्पनी अधिनियम के तहत एन 0 एच 0 पी 0 सी 0 एवं यूपीनेडा द्वारा एक संयुक्त उपक्रम स्थापित किया जायेगा।
- इस अवसर पर वहाॅं उपस्थित विषेष सचिव नियोजन विजय कुमार मिश्र ने कहा कि गांवों के सम्पूर्ण कचरे से बायोगैस बनाने को बढ़ावा दिया जाय, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी किसी भी समस्या से ग्रस्त न रहे और स्वच्छ वातावरण में जिन्दगी गुजार सके।
- कार्यक्रम के समापन में संयोजक विजय कुमार मिश्र ने स्थानीय युवाओं में सक्रियता और रचनात्मक प्रवृत्ति के विकास की दृष्टि से इस कार्यक्रम को सफल एवं उपलब्धियों से भरा मानते हुए समागम की सफलता का श्रेय स्थानीय लोगों को दिया और अपना आभार प्रकट किया।
- Ó सुशील कुमार मोदी के खिलाफ बयान देने के बाद अमरनाथ गामी को पार्टी ने निलंबित तो कर दिया, लेकिन उसके बाद जाले के बीजेपी विधायक विजय कुमार मिश्र ने गामी के निलंबन का विरोध करते हुए कहा है कि उनकी पीड़ सही है।
- -विजय कुमार मिश्र आज भी तमाम सुधारों के बावजूद निर्वाचन प्रणाली और प्रक्रिया में अनेक ऐसी खामियां हैं, जिसके चलते छोटे दल-समूह या व्यक्ति जिसके पास अपेक्षाकृत कम संसाधन और शक्ति है, लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विशेषकर चुनावी प्रक्रिया में खुलकर भाग नहीं ले सकते।
- प्रारम्भ में आगंतुकों का स्वागत करते हुए रचनाकार विजय कुमार मिश्र ' बुद्धिहीन ' ने कहा कि इंजिनीयरिंग क्षेत्र में कार्य करते हुए अतिषय सुख-दुःख और रागात्मक संवेदना के क्षण जब प्राप्त हुए तब अपने भीतर जो अनुभूतियां व्यक्त हुईं उन्होनें अनायास कविता का रूप ले लिया।
- प्रारम्भ में आगंतुकों का स्वागत करते हुए रचनाकार विजय कुमार मिश्र ' बुद्धिहीन ' ने कहा कि इंजिनीयरिंग क्षेत्र में कार्य करते हुए अतिषय सुख-दुःख और रागात्मक संवेदना के क्षण जब प्राप्त हुए तब अपने भीतर जो अनुभूतियां व्यक्त हुईं उन्होनें अनायास कविता का रूप ले लिया।