शिव प्रसाद सिंह वाक्य
उच्चारण: [ shiv persaad sinh ]
उदाहरण वाक्य
- आशिक बालौत: जो गाँव पर अधिकांश कहानियाँ लिखी जा रही हैं वह बहुत सतही कहानियाँ हैं जैसे अब से पहले प्रेमचन्द, शिव प्रसाद सिंह, भैरव प्रसाद गुप्त, शेखर और नागार्जुन तथा रेणु लिख रहे थे।
- दलवीर सिंह के भतीजे नर्मदा सिंह सहित कोदू सिंह, बिरझूदास सोनवानी, तोप सिंह सरपंच मङाौली, ललन सिंह शिक्षक एवं भूतपूर्व विधायक शिव प्रसाद सिंह तथा पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अमरकंटक श्रीमती मीना पडवार टिकट की दावेदारी प्रस्तुत कर रहे हैं।
- पिछले चुनाव में सांसद द्वारा निष्क्रिय रहने के कारण और पार्टी से बगावत कर मैदान में रहे शिव प्रसाद सिंह हार का कारण बने थे, जो इस बार नहीं है, परंतु इन्हें पार्टी द्वारा टिकट देने के कारण कुछ लोग नाराज हैं।
- आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के उपरांत विद् यानिवास मिश्र, कुबेरनाथ राय, शिव प्रसाद सिंह, प्रभाकर माचवे, विवेकी राय, रामदरश मिश्र, कृष् ण बिहारी मिश्र और ठाकुर प्रसाद सिंह आदि ने ललित निबंधों को नई दिशा प्रदान की हैं।
- हुजूर का इकबाल बुंलद हो, हिन्दी विज्ञान कथा में तो और भी सुभीता है..... “ ” वह कैसे “? ” हुजूर सुनते हैं कि सन् 1900 में किन्हीं शिव प्रसाद सिंह ने एक विज्ञान कथा लिखी “ चद्रलोक की यात्रा ” ।
- दादी माँ ‘, आर पार की माला, (शिव प्रसाद सिंह) ; ‘ गुलरा के बाबा ‘, ‘ पान-फूल ‘, सात बच्चों की माँ ‘ (मार्कण्डेय) की प्रेमचंद परम्पर से जुड़ी हुई किन्तु नयी संवदेना एवं यथार्थ संवेदना की दृष्टि से कुछ नवीनतायुक्त कहानियाँ चर्चित हुई ।
- पूर्व जिला महामंत्री शिव प्रसाद सिंह भोला की अध्यक्षता और अधिवक्ता प्रकोष्ठ के पूर्व जिलाध्यक्ष श्वेत सिंह राणा के संचालन में सम्पन्न इस बैठक में प्रस्ताव पारित कर जातीय समीकरण के आधार पर अम्बेडकरनगर लोकसभा क्षेत्र से किसी अल्प संख्यक अथवा क्षत्रिय विरादरी के उम्मीदवार को मैदान में उतारने की मांग पार्टी नेतृत्व से की।
- लेखक बताते हैं कि तब बनारस में पं. महादेव शास्त्री, सम्पूर्णानंद, बेढ़ब बनारसी, विनोद शंकर व्यास, नज़ीर बनारसी, त्रिलोचन शास्त्री, विष्णुचन्द्र शर्मा, चन्द्रबली सिंह, शम्भुनाथ सिंह, नामवर सिंह, शिव प्रसाद सिंह, केदार नाथ सिंह, शमशेर बहादुर सिंह, रामदरश मिश्र आदि थे।
- (बाद के दिनों में धर्मयुग में डॉ शिव प्रसाद सिंह के एक लेख में इसका जिक्र है कि कांग्रेस समाजवादी की एक बैठक में डॉ लोहिया ने पंडित जी के माथे पर लागे तिलक को लेकर पंडित जी को झिडकी दी थी) पंडित जी से वह पहली मुलाक़ात और फलाने के नाती आजीवन बना रहा.
- (39) शिष्ट नारायण सिंह ; ग्राम गठौली,: रामसेवक तिवारी उनवलिया के, ग्राम वसही परगना, अरैल, गोत्र गौतम मिश्र कोटहा, परगना अरैल, गोत्र वसिष्ठ (40) शिव प्रसाद सिंह: पं. माताभीख तिवारी, मरौ, परगना केवाई, कठौली, परगना खैरागढ़, इलाहाबाद, कठौली, परगना इलाहाबाद गोत्र भारद्वाज, पांडे।