×

शैव दर्शन वाक्य

उच्चारण: [ shaiv dershen ]

उदाहरण वाक्य

  1. इस काल में संतों की मुक्तक वाणी प्रधान रही जिसमें शैव दर्शन, तसव्वुफ़, सहजोपासना, सदाचार, अध्यात्मसाधना, पाखंडप्रतिरोध तथा आडंबरत्याग का प्रतिपादन और प्रवचन ही अधिक रहा, संवेदनशील अभिव्यक्ति कम।
  2. ध्यान देने की बात है कि कश् मीर की जमीन पर जन्मी सभी पूजा पध्दतियां शैव दर्शन, वैष् णव और बौध्दमत इत्यादि में कभी परस्पर संघर्ष नहीं हुआ।
  3. आस्थावान लोग इस दार्शनिक बिंदु से अपनी उपस्थिति और महत्व निर्धारित करेंगे, जबकि शैव दर्शन में शिव को पति मानते हुए जीवन को पशु अवस्था में माना गया और पाश यानी बंधन की स्थिति समझाई गई है।
  4. आस्थावान लोग इस दार्शनिक बिंदु से अपनी उपस्थिति और महत्व निर्धारित करेंगे, जबकि शैव दर्शन में शिव को पति मानते हुए जीवन को पशु अवस्था में माना गया और पाश यानी बंधन की स्थिति समझाई गई है।
  5. वर्तमान कश् मीरी नेताओं के हिन्दू पूर्वजों ने भारत माता के मुकुट कष्मीर में नाग पूजा मत शैव दर्शन, बौध्द मत, वैष्णो मत आदि मानवीय दर्शन को मानवता की भलाई के लिये सारे संसार के सामने रखा था।
  6. रामजी के ही शब्दों में, ‘राज, पढ़ाई से मेरा मन तब एकदम उचट गया जब मुझे पीएचडी के लिए इस तरह के विषय सुझाए जाने लगे-रामचरितमानस के पात्रों का मनोवैज्ञानिक अध्ययन, कामायनी में शैव दर्शन का स्वरूप, प्रयोगवाद के सांस्कृतिक आयाम...।
  7. हिन्दी जाति ' का अलगाववादी स्वप्न नहीं देखता, वह जागो फिर एक बार जैसी केसरिया कवितायेँ नहीं लिखता, वह शैव दर्शन की गुत्थियाँ सुलझाने नहीं बैठता, वह ब्राह्मणवादी, ठाकुर्वादी या भाई-भतीजवादी बनकर आलोचना की पीठ पर गद्दीनशीन नहीं होता।
  8. प्रगतिशीलता की जिसके पास ज़रा भी समझ होती है वह ' हिन्दी जाति' का अलगाववादी स्वप्न नहीं देखता, वह जागो फिर एक बार जैसी केसरिया कवितायेँ नहीं लिखता, वह शैव दर्शन की गुत्थियाँ सुलझाने नहीं बैठता, वह ब्राह्मणवादी, ठाकुर्वादी या भाई-भातीजवादी बनकर आलोचना की पीठ पर गद्दीनशीन नहीं होता.
  9. रामजी के ही शब्दों में, ‘ राज, पढ़ाई से मेरा मन तब एकदम उचट गया जब मुझे पीएचडी के लिए इस तरह के विषय सुझाए जाने लगे-रामचरितमानस के पात्रों का मनोवैज्ञानिक अध्ययन, कामायनी में शैव दर्शन का स्वरूप, प्रयोगवाद के सांस्कृतिक आया म... ।
  10. योन् याकार अर्घे में प्रतिष्ठित लिंग-रूप शिवकी जो पूजा शिव मंदिरों या घरों में की जाती है, वह वस् तुत: पुरुष और प्रकृति के लिंग और योनि के संयोग (शैव दर्शन में इसे ' कमल-कुलिश योग ' कहा गया है) से होने वाली जागतिक सृष्टि का संकेतक है।
अधिक:   पिछला  आगे


के आस-पास के शब्द

  1. शैलोद्भव वंश
  2. शैलोद्भिद
  3. शैल्फ
  4. शैल्फ जीवन
  5. शैव
  6. शैव धर्म
  7. शैव सम्प्रदाय
  8. शैव सिद्धांत
  9. शैव सिद्धान्त
  10. शैवसिद्धान्त
PC संस्करण
English


Copyright © 2023 WordTech Co.