श्रीनिवास दास वाक्य
उच्चारण: [ sherinivaas daas ]
उदाहरण वाक्य
- प्रेमचन्द्र-पूर्ववर्ती हिन्दी उपन्यास-साहित्य में दो प्रमुख धारायें प्रवाहित होती दिखाई देती हैं, जिनमें से प्रथम धारा भारतेन्दुयुगीन सुधारवादी नैतिकता प्रधान सामाजिक उपन्यासों की धारा है, जिसका प्रतिनिधित्व लाला श्रीनिवास दास के ‘परीक्षा गुरू' में मिलता है, और उसकी दूसरी धारा जिसे तिलिस्मी-ऐयारी एवं जासूसी उपन्यास की संज्ञा प्राप्त है, उसके सर्वाधिक चर्चित लेखक बाबू देवकीनन्दन खत्री हैं, और उनकी कलम का जादू है ‘चन्द्रकान्ता'।
- प्रेमचन्द-पूर्ववर्ती हिन्दी उपन्यास-साहित्य में दो प्रमुख धारायें प्रवाहित होती दिखाई देती हैं, जिनमें से प्रथम धारा भारतेन्दुयुगीन सुधारवादी नैतिकता प्रधान सामाजिक उपन्यासों की धारा है, जिसका प्रतिनिधित्व लाला श्रीनिवास दास के 'परीक्षा गुरू' में मिलता है, और उसकी दूसरी धारा जिसे तिलिस्मी-ऐयारी एवं जासूसी उपन्यास की संज्ञा प्राप्त है, उसके सर्वाधिक चर्चित लेखक बाबू देवकीनन्दन खत्री हैं, और उनकी कलम का जादू है 'चन्द्रकान्ता'।
- प्रेमचन्द-पूर्ववर्ती हिन्दी उपन्यास-साहित्य में दो प्रमुख धारायें प्रवाहित होती दिखाई देती हैं, जिनमें से प्रथम धारा भारतेन्दुयुगीन सुधारवादी नैतिकता प्रधान सामाजिक उपन्यासों की धारा है, जिसका प्रतिनिधित्व लाला श्रीनिवास दास के ‘ परीक्षा गुरू ' में मिलता है, और उसकी दूसरी धारा जिसे तिलिस्मी-ऐयारी एवं जासूसी उपन्यास की संज्ञा प्राप्त है, उसके सर्वाधिक चर्चित लेखक बाबू देवकीनन्दन खत्री हैं, और उनकी कलम का जादू है ‘ चन्द्रकान्ता ' ।
- प्रेमचंद के पहिले के उपन्यासकारन के परम्परा में बाल किशन भट्ट, श्रीनिवास दास, राधाचरण गोस्वामी, ठाकुर जग मोहन सिंह, काका गोपाल दास गम्ही, किसोरी लाल,, देवकी नंदन खत्री आदि रचनाकारों ने बिबिध विषयों पर उपन्यासों की रचना की | इनमे से किसी ने तिलिस्मी और ऐयारी लिख कर अपनी-अपनी कल्पना शक्ति का परिचय दिया तो कोई, जासूसी उपन्यासों की रचना में मसगुल था, तो कोई रीतिकाल के प्रभाव में आकर प्रेम और रोमांस की अपनी कथा वस्तु का विषय बनाकर पाठको का सरस मनोरंजन किया