सभापर्व वाक्य
उच्चारण: [ sebhaaperv ]
उदाहरण वाक्य
- महाभारत क सभापर्व मं भारतवर्ष क प्राग्ज्योतिष (पुर) प्रान्त का उल्लख आता है।
- (गृहे गृहेहि राजान: स्वस्य स्वस्य प्रियंकरा:, सभापर्व, 14,2) ।
- युधिष्ठिर द्यूतासक्त हैं, सभापर्व और विराट पर में हम जुएं का प्रभाव देखते हैं।
- इसका उल्लेख महाभारत सभापर्व में प्रसंग नकुल की पश्चिम दिशा की दिग्विजय का है जो इस प्रकार है:-
- कुबेर सभा महाभारत, सभापर्व के 10 वें अध्याय में राजाधिराज कुबेर की सभा का विस्तार से वर्णन है।
- महाभारत के काल में यौधेय प्रदेश का एक भाग मरुभूमि भी था जैसा महाभारत सभापर्व में वर्णित है ।
- सभापर्व, साठवां अध्यायः45 और तो और, महाभारत के रचनाकार भी इस प्रश्न का कोई उत्तर नहीं देते, कोई टिप्पणी नहीं करते।
- महाभारत के सभापर्व में नारद का पंचावयव वाक्य के गुण-दोषों के जानकार के रूप में उल्लेख मिलता है-पंचावयव वाक्यस्य गुणदोषवित्।
- आगे चलकर महाभारत में युधिष्ठिर के दो बार अभिषिक्त होने का उल्लेख मिलता है, एक सभापर्व (200,33,45) और दूसरा शांतिपर्व, 100,40 में।
- सभापर्व में भीष्म द्वारा उनकी प्रशंसा समस्त वेद-वेदान्त के ज्ञाता तथा राजनीति में निपुण बलवान योद्धा के रूप में की गयी है।