सर विलियम जोन्स वाक्य
उच्चारण: [ ser viliyem jones ]
उदाहरण वाक्य
- फिर भी सर विलियम जोन्स ने अपने को अपमानित महसूस नहीं किया क्योंकि वो बौद्धिक थे और इसे इस रूप में लिया कि ये तो एक शिक्षक का रिवाज़ है।
- एक बात और भी विचारने योग्य है कि ' सर विलियम जोन्स ' ने भी तो यही लिखा है कि फारसी ग्रन्थों में हिंदू जातियों का विवरण या हाल नहीं जाना जा सकता।
- सन् १७६८ में डेनमार्क के क्रिश्चियन सप्तम ने सर विलियम जोन्स को नादिर के इतिहासकार मंत्री मिर्ज़ा महदी अस्तराब्दाली द्वारा लिखी उसकी जीवनी को फ़ारसी से फ्रेंच में अनुवाद करने का आदेश दिया।
- सन् १७६८ में डेनमार्क के क्रिश्चियन सप्तम ने सर विलियम जोन्स को नादिर के इतिहासकार मंत्री मिर्ज़ा महदी अस्तराब्दाली द्वारा लिखी उसकी जीवनी को फ़ारसी से फ्रेंच में अनुवाद करने का आदेश दिया।
- भारतीय दर्शन को समझने के लिए जिस ग्रन्थ को पाश्चात्य विद्वानों (अंग्रेजो) ने सर्वप्रथम चुना था वो मनु स्मृति ही था (सन् १ ७ ९ ४ में सर विलियम जोन्स) ।
- संस्कृत भाषा में महारत हासिल करने के बाद, सर विलियम जोन्स ने कलकत्ता में एशिएटिक सोसाईटी की स्थापना की और संस्कृति की क ई महान कृति यों का जैसे-अभिज्ञान शकुन्तलम को अंग्रेजी में अनुदित किया।
- इसके बाद सन् 1784 में सर विलियम जोन्स ने, जो उन दिनों कलकत्ता के प्रधान न्यायाधीश थे, एशियाटिक सोसाइटी की स्थापना की तथा स्वयं कालिदास की ‘शकुन्तला' का अनुवाद किया और ‘ऋतुसंहार' का एक सम्पादित संस्करण प्रकाशित कराया।
- इसके बाद सन् 1784 में सर विलियम जोन्स ने, जो उन दिनों कलकत्ता के प्रधान न्यायाधीश थे, एशियाटिक सोसाइटी की स्थापना की तथा स्वयं कालिदास की 'शकुन्तला' का अनुवाद किया और 'ऋतुसंहार' का एक सम्पादित संस्करण प्रकाशित कराया।
- क्योंकि यदि अबुलफजल को हिंदू समाज का विशेष ज्ञान न था, क्योंकि वह हिंदुस्तान का ही रहनेवाला प्रथम का हिंदू या खत्री था, जैसा कि आपने स्वयं लिखा है, तो सर विलियम जोन्स तो वैदेशिक थे।
- उमेश चतुर्वेदी कई लोग ये जानकर भी हैरत में पड़ सकते हैं कि बंगाल एशियाटिक सोसायटी भले ही ओरिएंटल ज्ञान-विज्ञान के लिए मशहूर हुई, लेकिन उसकी स्थापना भी अपने हिंदी प्रेम के कारण सर विलियम जोन्स ने किया था।