स्वछंदतावाद वाक्य
उच्चारण: [ sevchhendetaavaad ]
उदाहरण वाक्य
- एक प्रारंभिक परिभाषा जोकि चार्ल्स बौडलैयेर द्वारा दी गयी थी: “संक्षिप्त रूप से स्वछंदतावाद न तो विषय के चुनाव में और न ही वास्तविक सत्य में स्थित है, अपितु यह तो अनुभव का एक तरीका है[7].”
- जबकि ज्ञानोदय के विचारकों ने निगमनात्मक कारणों की श्रेष्ठता पर बल दिया, स्वछंदतावाद ने अनुभव, कल्पना और भावनाओं पर इस सीमा तक बल दिया कि इसके कुछ विचारकों पर अतार्किक होने का आरोप भी लगाया गया.
- एक अन्य दार्शनिक प्रभाव जोहन गोतिलेब फिष्ट और फ्रेडरिक शैलिंग के जर्मन आदर्शवाद से आया, जिसने जेना (जहाँ फिष्ट, शैलिंग, हेगल, शिलर, और शेलेगल बंधु रहते थे) को प्रारंभिक स्वछंदतावाद (“जेनेर रोमेंटिक”) का केंद्र बना दिया.
- एक प्रारंभिक परिभाषा जोकि चार्ल्स बौडलैयेर द्वारा दी गयी थी: “संक्षिप्त रूप से स्वछंदतावाद न तो विषय के चुनाव में और न ही वास्तविक सत्य में स्थित है, अपितु यह तो अनुभव का एक तरीका है.”
- स्कॉटलैंड वासी कवि जेम्स मेकफर्सन ने 1762 मे प्रकाशित अपनी ओशियन साईकिल ऑफ़ पोयम्स की अंतर्राष्ट्रीय सफलता के द्वारा स्वछंदतावाद के प्रारंभिक विकासों को प्रभावित किया, और गोयेथ और युवा वाल्टर स्कॉट दोनों को ही प्रेरणा दी.
- स्कॉटलैंड वासी कवि जेम्स मेकफर्सन ने 1762 मे प्रकाशित अपनी ओशियन साईकिल ऑफ़ पोयम्स की अंतर्राष्ट्रीय सफलता के द्वारा स्वछंदतावाद के प्रारंभिक विकासों को प्रभावित किया, और गोयेथ और युवा वाल्टर स्कॉट दोनों को ही प्रेरणा दी.
- जबकि ज्ञानोदय के विचारकों ने निगमनात्मक कारणों की श्रेष्ठता पर बल दिया, स्वछंदतावाद ने अनुभव, कल्पना और भावनाओं पर इस सीमा तक बल दिया कि इसके कुछ विचारकों पर अतार्किक होने का आरोप भी लगाया गया[कृपया उद्धरण जोड़ें].
- जिसे हम नकारात्मक बदलाव इस लिए कहते है क्यूँ की इससमे स्वछंदतावाद दिखाई देता है......फिर भी ऐसी बहुत सारे लोगों ने अपनी सोच में बदलाव किया हमारी सोच से आज भी परे है पर उसको हमको स्वविकार करना होगा.
- बाद के समय का जर्मन स्वछंदतावाद, उदाहरण के लिए, इ.टी.ए. हॉफमैन का डेर सैंडमैन (द सैंडमैन), 1817 और जोसेफ फ्रेयर वोन अयेशनडोर्फ़ का डास मर्मोर्बिल्ड (द मार्बल स्टेचू), 1819, अपने रूपांकन में गंभीर थे और उसमे गोयेथ के तत्व भी उपस्थित थे.
- हालाँकि इस आन्दोलन की जड़ें जर्मन आन्दोलन स्टर्म एंड ड्रेंग से विकसित हैं, जो सहज ज्ञान और भावनाओं को ज्ञानोदय परिमेयकरण से बहमूल्य मानता है, फ़्रांसिसी क्रांति ने उन आदर्शों और घटनाओं की नीव रखी जिससे स्वछंदतावाद और प्रति-ज्ञानोदय के लिए पृष्ठभूमि तैयार हुई.