अक्षर पर्व वाक्य
उच्चारण: [ akesr perv ]
उदाहरण वाक्य
- प्रिय शेखर जी, यह कहानी नेट पर तो नहीं है, लेकिन भोपाल कांड पर अदालती फैसला आने के बाद कई पत्रिकाओं में फिर से छपी है, जैसे ‘ सेतु ', ‘ अक्षर पर्व ', ‘ प्रतिश्रुति ', ‘ अरावली उद्घोष ' में।
- बाद में उनके बारे में और जुटाई जानकारियां चौंकाने वाली थी कि वे लगातार लिखते और महत्वपूर्ण पत्र पत्रिकाओं (कथादेश, इन्द्रपस्थ भारती, साक्षात्कार, सम्यक, सहचर, अक्षर पर्व आदि-आदि) में छपते रहने वाले रचनाकार होते हुए भी मेरे लिए अनजाने ही थे।
- ' धपेल ' की चर्चा ऐसी कि लगातार कहीं न कहीं कुछ छपने की सूचना आने लगी... ' रविवारहिन् दी ' के मॉडरेटर आलोक पुतुल तब ' अक्षर पर्व ' के संपादक थे, उन् होंने ' धपेल ' लिखे जाने की कहानी लिखने को कहा...
- ' धपेल ' की चर्चा ऐसी कि लगातार कहीं न कहीं कुछ छपने की सूचना आने लगी... ' रविवारहिन् दी ' के मॉडरेटर आलोक पुतुल तब ' अक्षर पर्व ' के संपादक थे, उन् होंने ' धपेल ' लिखे जाने की कहानी लिखने को कहा...
- कुमार विनोद की ग़ज़लें हंस, नया ज्ञानोदय, वागर्थ, कथन, कथादेश, कथाक्रम, कादम्बनी, उद्भावना, बया, अन्यथा, प्रगतिशील वसुधा, वर्तमान साहित्य, हरिगन्धा, समावर्तन, समकाकलीन भारतीय साहित्य, आजकल, अक्षर पर्व इत्यादि पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं।
- अक्षर पर्व, अक्षर शिल्पी, युग तेवर, शेष, अक्सर, अलाव, इरावती, उन्नयन, भारत-एशियाई साहित्य, दैनिक जागरण, जनसत्ता, अमर उजाला, राष्ट्रीय सहारा, स्वतंत्र भारत, अजीत समाचार, लोकायत, शुक्रवार, इण्डिया न्यूज, द सण्डे इण्डियन, छपते-छपते, प्रगतिशील आकल्प, युगीन काव्या, आधारशिला, साहिती सारिका, परती पलार, वीणा, पांडुलिपि, समय के साखी, नये पाठक, सुखनवर, प्रगति वार्ता,
- उनकी ग़ज़लें हिंदी की प्रसिद्द पत्रिकाओं जैसे ' हंस ', ' नया ज्ञानोदय ', ' वागर्थ ', ' कथादेश ', ' कादम्बिनी ', ' आजकल ', ' अक्षर पर्व ', आदि में समय समय पर छप कर अपनी पहचान पहले ही बना चुकी हैं.
- देश की प्रमुख पत्र पत्रिकाओं जैसे पहल, पल प्रतिपल, नया ज्ञानोदय, समकालीन भारतीय साहित्य, वागर्थ, आकंठ, परस्पर, पाखी समकालीन जनमत, हंस, साक्षात्कार, अक्षरा, गंगा, उद्भावना, उत्तराद्र्ध, वसुधा, साहिती सारिका, अक्षर पर्व आदि में कविताओं का प्रकाशन।
- न यहाँ पुस्तक प्रकाशन से जुड़े कुछ और लोगों को याद गया है न सांस्कृतिक हस्तक्षेप करने वाली पहचान यात्रा, अक्षर पर्व, नये पाठक, सापेक्ष, परस्पर, सूत्र, पाठ, सर्वनाम, नई दिशायें, नारी का संबल जैसी लघु पत्रिकाओं और सृजनगाथा, छत्तीसगढ़, रविवार, उदंती, जैसी इंटरनेटीय पत्रिकाओं के संपादकों और अन्य किसी ब्लॉगर को भी ।
- राजेन्द्र सोनी), पांडुलिपि (विश्वरंजन), सापेक्ष (महावीर अग्रवाल), सदभावना दर्पण (गिरीश पंकज), बहुमत (विनोद मिश्र), सूत्र (विजय सिंह), कार्टून वाच (त्र्यंबक शर्मा), अक्षर पर्व (आलोक प्रकाश पुतुल), संगत (बहादुरलाल तिवारी), नारी का संबल (शकुन्तला तरार), छत्तीसगढ़ परिक्रमा (अर्चना पाठक), छत्तीसगढ़ टुडे (जगदीश यादव), सर्वहारा (पंचराम सोनी), बालमितान (इंदरमन साहू), बालबोध (जयप्रकाश मानस), छत्तीसगढ़ी हिन्दी मानस धारा (पं. राजेन्द्र प्रसाद शुक्ल), संप्रेषण (डॉ. चितरंजन कर, साहित्य वैभव(डॉ. सुधीर शर्मा), शोध उपक्रम (डॉ.