अखिलेश मिश्रा वाक्य
उच्चारण: [ akhilesh misheraa ]
उदाहरण वाक्य
- जैसा कि अभियुक्तगण कृपा शंकर मिश्रा उर्फ मोनू, अखिलेश मिश्रा एवं श्रीमती सुशीला उर्फ बिटोला के विरूद्ध न्यायालय द्वारा यह आरोप विरचित किया गया है कि ये लोग मुकदमा वादी पी0 डब्लू0-1 नित्यानन्द मिश्रा की पोती रमा देवी, जिसकी शादी अभियुक्त कृपा शंकर मिश्रा उर्फ मोनू के साथ हुई थी, से बराबर एक लाख रूपये नगद दहेज की मॉग करते रहे और इस बाबत मृतका रमा देवी को प्रताड़ित करते रहे।
- यह मुकदमा अपराध संख्या-63 / 2008 धारा-498ए, 304बी, 211,120बी, 506 भारतीय दंड संहिता व 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम थाना औद्योगिक क्षेत्र सरकार बनाम कृपा शंकर मिश्रा उर्फ मोनू आदि के मुकदमे से सम्बन्धित है और अभियोजन पक्ष का यह कथानक है कि अभियुक्तगण कृपा शंकर मिश्रा उर्फ मोनू, उसके पिता अखिलेश मिश्रा व मॉ श्रीमती सुशीला उर्फ बिटोला ने आपराधिक षडयन्त्र करके इसी कट्टे से अपनी बहू रमा देवी की मृत्यु कारित किया था।
- अभियुक्त कृपा शंकर मिश्रा उर्फ मोनू व उसके पिता अखिलेश मिश्रा व मॉ सुशीला उर्फ बिटोला ने उनकी बेटी रमा देवी को कट्टे से गोली नहीं मारी है तो जब मूल मुकदमे में यह बात आ गयी है कि अभियुक्त कृपा शंकर मिश्रा उर्फ मोनू ने मृतका रमा देवी को कट्टे से गोली नहीं मारी है तो पुलिस द्वारा इतने विलम्ब से दिखायी गयी कृपा शंकर मिश्रा के पास से कट्टे की बरामदगी कैसे सच हो सकती है।
- आपका ध्यान इस और दिलाना चाहता हूँ कि अदनान अहमद खान पुत्र अख़लाक़ अहमद खान निवासी मोहल्ला साबित गंज थाना व कोतवाली इटावा ने कीर्ति मिश्रा उर्फ़ मुस्कान पुत्री अखिलेश मिश्रा निवासी त्रिवेणी नगर थाना अलीगंज लखनऊ से शादी की थी | कीर्ति मिश्रा उर्फ़ मुस्कान लगभग पिछले छ: महीने से लगातार अदनान के साथ उसके घर पर रह रही थी | अदनान व कीर्ति मिश्रा उर्फ़ मुस्कान ने इटावा के न्यायालय में सिटी मजिस्ट्रेट के कार्यालय में शादी के लिए आवेदन किया था |
- इस तरह साक्षी पी0 डब्लू0-1 नित्यानन्द मिश्रा, मृतका के दादा, साक्षी पी0 डब्लू0-2 ध्रुव कुमार मृतका के पिता एवं साक्षी पी0 डब्लू0-3 श्रीमती उमा मिश्रा मृतका की मॉ ने अपने बयानों द्वारा अभियोजन कहानी का समर्थन नहीं किया है और यह स्पष्ट बयान दिया है कि अभियुक्तगण कृपा शंकर मिश्रा उर्फ मोनू, जिससे रमा देवी मृतका की शादी हुई थी, ससुर अखिलेश मिश्रा एवं सास श्रीमती सुशीला उर्फ बिटोला द्वारा कभी कोई दहेज की मॉग नहीं की गयी और न ही दहेज के बाबत मृतका को प्रताड़ित किया गया।
- इनके बयानो में भी अन्तर्विरोध स्पष्ट है जैसा कि पत्रावली पर उपलब्ध फर्द बरामदगी कागज संख्या-11अ प्रदर्श-क1, के अनुसार दिनांक 15-7-2008 को ये दोनो पुलिस अधिकारी मय कर्मचारीगण क्षेत्र की देखभाल में गश्त पर थे तो सड़वा मोड़ पर इनको जरिये मुखबिर सूचना मिलती है कि वांछित अभियुक्त कृपा शंकर मिश्रा उर्फ मोनू पुत्र अखिलेश मिश्रा निवासी ग्राम लवायनकलॉ कुरिया लवायन कलॉ मोड़ के पास खड़ा है कहीं जाने हेतु वाहन की तलाश कर रहा है, वहीं तिराहे से समय 16-00 बजे अभियुक्त कृपा शंकर मिश्रा उर्फ मोनू की गिरफ्तारी की गयी।
- धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से प्रभात चैधरी, रामकिशन पाठक, प्रताप महावर, कपिल पटेल, दीपेन्द्र चतुर्वेदी, हेमन्त खन्दौली विपुल पारीख, भूपेन्द्र चैधरी, वन्टी शर्मा, अनिल मालवीय, सभासद शिव्वों बाबा, धर्मेश तिवारी, गोबिन्द सिंह, गगन निशाद, राजेश सिंह पिन्टू, रूप सिंह पटेल, नितिन दिवाकर, सुदामा खत्री, अखिलेश मिश्रा, धमेन्द्र चैधरी, नानक चन्द्र महावर, विकास वाष्ण्र्रेय, श्याम सिंह सिसोदिया, बबलू गोला, राजेन्द्र लौधी, कृष्ण कुमार माहेश्वरी आदि सैकडों कार्यकर्ता उपस्थित थे।