अरण्यकाण्ड वाक्य
उच्चारण: [ arenyekaaned ]
उदाहरण वाक्य
- अरण्यकाण्ड वाल्मीकि कृत रामायण और गोस्वामी तुलसीदास कृत श्री राम चरित मानस का एक भाग (काण्ड या सोपान) है।
- इस प्रकार अरण्यकाण्ड में ' 'रावण का वर्णन जहां भी अपने रथ पर सवार योद्धा के रूप में हुआ है।
- अरण्यकाण्ड की मंदाकिनी अत्रि, शरभंग, सुतीक्ष्ण और अगस्त्य के आश्रम से महिमामंडित दंडकारण्य की मंदाकिनी है ;
- इन सात काण्डों के नाम हैं-बालकाण्ड, अयोध्याकाण्ड, अरण्यकाण्ड, किष्किन्धाकाण्ड, सुन्दरकाण्ड, लंकाकाण्ड और उत्तरकाण्ड।
- (वाल्मीकि रामायण अरण्यकाण्ड 11वां सर्ग श्लोक 64 से 66) इन्हीं अगस्त्य ने ताटका पति सुन्द को भी मार डाला था।
- इस प्रकार अरण्यकाण्ड में ' ' रावण का वर्णन जहां भी अपने रथ पर सवार योद्धा के रूप में हुआ है।
- अरण्यकाण्ड का यह श्लोक देखें जो कि साल वनों तथा कंदमूल की दण्डकारण्य में प्रचुरता के विषय में उल्लेख है-
- इन सात काण्डों के नाम हैं-बालकाण्ड, अयोध्याकाण्ड, अरण्यकाण्ड, किष्किन्धाकाण्ड, सुन्दरकाण्ड, लंकाकाण्ड और उत्तरकाण्ड ।
- उन ते पहिले वे मुए जिन मुख निकसत नाहि॥-“संक्षिप्त वाल्मीकि रामायण” का अगला पोस्टः राम की वापसी और विलाप-अरण्यकाण्ड (15)
- इसी तरह अरण्यकाण्ड सर्ग 22 में राम के प्रतिद्वन्द्वियों में मात्र ' खर' के रथ में चितकबरे घोड़ों के जुते होने का उल्लेख है।