अवध विश्वविद्यालय वाक्य
उच्चारण: [ avedh vishevvideyaaley ]
उदाहरण वाक्य
- उत्तर प्रदेश में डा. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय तथा कानपुर विश्वविद्यालय के बी. ए. के हिन्दी पाठ्यक्रम में शुक्ल जी की अवधी कवितायें सम्मिलित की गयी हैं.
- 1995 में स्नातक और विधि स्नातक अवध विश्वविद्यालय से समाप्त कर कुछ दिन सामाजिक कार्य कर भारत को समझने का प्रयास किया और फिर 1999 में सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिये दिल्ली आ गया।
- उनके पिता का नाम श्री एच. एल. मिश्र है. रममनोहर लोहिय अवध विश्वविद्यालय, फैजाबाद से एम. ए.ब ी-एड. करने के बाद १ ९९ ४ से पत्रकारिता से जुड़े.
- इस प्रशिक्षण में लखनऊ के 14 युवा भाग ले रहे हैं जो विभिन्न शैक्षिक प्रतिष्ठानों से आए हैं जिनमें सिटी मांटेसरी स्कूल, जिगर मेमोरियल इंटर कॉलेज, भातखण्डे विश्वविद्यालय, अवध विश्वविद्यालय और लखनऊ विश्वविद्यालय प्रमुख हैं।
- मेरा गाँव फैजाबाद के तारुन ब्लॉक में पड़ता है जो फैजाबाद से इलाहाबाद वाली रोड पर है यूँ तो फैजाबाद हर साल दो तीन बार जाना होता है अवध विश्वविद्यालय में, पर कभी गाँव नहीं जा पाया.
- इस प्रतियोगिता में अवध विश्वविद्यालय से सम्बद्ध एक दर्जन से भी ज़्यादा विभिन्न महाविद्यालयों के लगभग तीन सौ से भी अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग कर अपने-अपने हुनर व कौशल का प्रदर्शन मौजूद लोगों को तारीफ करने पर मजबूर कर दिया।
- डॉ. अंगनेलाल पूर्व कुलपति अवध विश्वविद्यालय अपनी पुस्तक “बाबा साहब डॉ.अम्बेडकर” में पूना पैक्ट की अन्य उपलब्धियों का इस प्रकार बताते हैं-१-जहां कम्युनल एवार्ड में दलितों को केवल ७१ सीटें प्राप्त हुई थी वहीं पूना पैक्ट में उन्हें १४८ सीटें प्राप्त हुई।
- दूसरी ओर, डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में समाजशास्त्री डॉ. संजय सिंह, शहरी आबादी के बढने और ग्रामीण आबादी के लगातार कम होने की प्रमुख वजह गाँवों से शहरों की तरफ पलायन नहीं बल्कि गाँवों का शहरीकरण मानते हैं।
- राममनोहर लोहिया, अवध विश्वविद्यालय-फैजाबाद (उ.प्र.) ने सन 1995 में डी.लिट. की मानद उपाधि प्रदान कर अपने गौरव को बढाया है.पूज्य माताजी के द्वारा दो हजार वर्ष प्राचीन षट्खन्डागम ग्रन्थ के सूत्रों की सोलहों पुस्तकों की सरल संस्कृत टिका का लेखन पूर्ण हो चूका है.
- बाराबंकी में हिंद इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साईंसेज ने कई वर्षों से बी. एससी नर्सिंग कोर्स में प्रशिक्षण हेतु दो-दो लाख रुपये लेकर छात्रों के प्रवेश लिये थे और हिंद इंस्टिट्यूट ने लिखा था कि यह मान्यता प्राप्त कोर्स है और डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद से इंस्टिट्यूट सम्बद्ध है।