अश्वसेन वाक्य
उच्चारण: [ ashevsen ]
उदाहरण वाक्य
- इतने में शर के कर्ण ने देखा जो अपना निषङग, तरकस में से फुङकार उठा, कोई प्रचण्ड विषधर भूजङग, कहता कि ” कर्ण! मैं अश्वसेन विश्रुत भुजंगो का स्वामी हूं, जन्म से पार्थ का शत्रु परम, तेरा बहुविधि हितकामी हूं. ”
- २ ० (कर्ण द्वारा अश्वसेन सर्प को शर बनाकर अर्जुन पर छोडना, कृष्ण की युक्ति के कारण अर्जुन के केवल किरीट भङ्ग होने का वर्णन, अश्वसेन द्वारा पुन: कर्ण का बाण बनने में असफलता तथा स्वयं ही अर्जुन पर आक्रमण करना, अर्जुन द्वारा बाण से उसे नष्ट करना), ९ ०.
- २ ० (कर्ण द्वारा अश्वसेन सर्प को शर बनाकर अर्जुन पर छोडना, कृष्ण की युक्ति के कारण अर्जुन के केवल किरीट भङ्ग होने का वर्णन, अश्वसेन द्वारा पुन: कर्ण का बाण बनने में असफलता तथा स्वयं ही अर्जुन पर आक्रमण करना, अर्जुन द्वारा बाण से उसे नष्ट करना), ९ ०.
- पार्श्वनाथ के लिए 872 और 772 के बीच ई. प ू. मौजूद माना जाता है वह अश्वसेन, बनारस के राजा का बेटा था | वह 83 दिनों की एक कठोर ध्यान के बाद ज्ञान प्राप्त किया | उनके अनुयायियों नीग्रंथ बुलाया गया | जैकोबी जैसे विद्वान उसे जैन धर्म का वास्तविक संस्थापक के रूप में विचार करें |
- लेकिन जानता हूं जैसे कृष्ण की चतुराई से ऐन वार के वक़्त अर्जुन का रथ ज़मीन में धंस गया था और कर्ण के तीर पर लिपटे अश्वसेन नाग की अपनी मां के वध का बदला लेने, अर्जुन को मारने की मंशा महज़ रुमानी अरमान बनकर रह गये थे, मेरे तीर भी महज़ मेरे ख़्याली आसमानों में ही भटकने को अभिशप्त हैं!
- इस प्रकार धर्म ने युधिष्ठिर, इन्द्र ने अर्जुन, वायु ने भीम, दोनों अश्विनी कुमारों ने नकुल, सहदेव, सूर्य ने कर्ण, वृहस्पति ने द्रोणाचार्य, वसुओं ने भीष्म, यमराज ने विदुर, कलि ने दुर्योधन, चन्द्रमा ने अभिमन्यु, भूरिश्रवा ने शुक्राचार्य, वरुण ने श्रृतायुध, शंकर ने अश्वत्थामा, कणिक ने मित्र, कुबेर ने धृतराष्ट्र और यक्षों ने गंधर्वों, सर्पों ने देवक, अश्वसेन, दुःशासन आदि के रुप में पृथ्वी पर अवतार ग्रहण किये ।