आस्तिक दर्शन वाक्य
उच्चारण: [ aasetik dershen ]
उदाहरण वाक्य
- कुछ ऐसे भी नास्तिक होते हैं, जो तार्किकता और मान्यताओं के स्तर पर तो नास्तिकता को अपना लेते हैं (मुख्यतः केवल ईश्वर, अंधविश्वास और आस्थाओं के मामले में) परंतु उनका दृष्टिकोण, समझ, विश्लेषण पद्धति प्रत्ययवादी या भाववादी (idealistic) बनी रहती है, जो कि आस्तिक दर्शन का मूलाधार होती है।
- जितने भी आस्तिक दर्शन हैं उन सबका एक ही उद्देश्य है--भगवान् को पा लेना. यही भगवत्स्वरूप हो जाना ही `योग 'है. इसलिए अन्य दर्शनों का अध्येता विद्वान् योग दर्शन से उद्देश्य को सरलता से ग्रहण कर सकता है. युज् धातु से करण और भाव में` घञ्' प्रत्यय जोड़ देने से `योग 'शब्द की निष्पत्ति होती है, जिसका अर्थ होता है समाधि.