इस्लाम की आलोचना वाक्य
उच्चारण: [ iselaam ki aalochenaa ]
उदाहरण वाक्य
- कुछ समय पूर्व कुछ ऐसे ही सेकुलर लोगों ने मुझ से सवाल किया था कि, क्या आपको इस्लाम के आलावा कोई दूसरा विषय नहीं मिला?, जो आप केवल इस्लाम की आलोचना करते रहते हैं.
- भारतीय मूल के ब्रिटिश लेखक सलमान रुश्दी को अल कायदा की ऑनलाइन अंग्रेजी मैगजीन के नए संस्करण में ' इस्लाम की आलोचना करने वाले को जान से मारने की अति वांछित लोगों ' की सूची में शामिल किया है।
- इस डॉक्यूमेंटरी के प्रसारित होने के बाद बीबीसी पर ही एक इंटरव्यू में बीएनपी चेयरमैन निक ग्रीफ़िन ने इस्लाम की आलोचना पर खेद जताने से इनकार करते हुए कहा कि “पश्चिमी दुनिया में इस्लाम बलात्कार के ज़रिए” फैला है.
- किसी के अनुसार, कबीर को इस्लाम की आलोचना से कोई मतलब ही नहीं था, वे तो केवल हिन्दू धर्म को ध्वस्त कर रहे थे, ताकि मक्खलि गोशाल के आजीवकवाद का दलित धर्म के रूप में पुनराविष्कार कर सकें।
- कुछ ऐसा ही हुआ है नीदरलैंड में. लंबे समय तक इस्लाम की आलोचना करने वाले डच राजनेता अनार्ड वॉन डूर्न ने अब इस्लाम धर्म कबूल लिया है.अनार्ड वॉन डूर्न नीदरलैंड की घोर दक्षिणपंथी पार्टी पीवीवी यानि फ्रीडम पार्टी के महत्वपूर्ण सदस्य रह चुके हैं.
- 2004 में हालैण्ड के प्रसिद्ध लेखक और फिल्म निर्देशक थियो वान गाग की एम्सटर्डम में दिन दहाड़े की गई क्रूर हत्या इस रणनीति का अहम हिस्सा थी जब अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता के पक्षधर पश्चिमी विश्व को इस्लाम की आलोचना से डराकर रोका गया था.
- इस्लाम की आलोचना तो मुहम्मद जीके समय से ही हो गई थी तभी मुहम्मद जी को अपनी जान बचाकर चुपके से भागना पड़ा, जबकि अल्लाह का साथ होने दावा भी किया जाता है, यानी अल्लाह को अपनी हार का मुँह देखना पड़ा!
- आपके समाधान के अनुसार जो इस्लाम की आलोचना करे और हिन्दुओं पर मुस्लिम अत्याचार की बात करे वह साम्प्रदायिक है तब तो भारत के प्रत्येक हिन्दू को धिम्मी बन कर जीना पडेगा क्योंकि इसके विपरीत तो 1 प्रतिशत हिन्दू भी देश में नहीं मिलेगा।
- 2004 में हालैण्ड के प्रसिद्ध लेखक और फिल्म निर्देशक थियो वान गाग की एम्सटर्डम में दिन दहाड़े की गई क्रूर हत्या इस रणनीति का अहम हिस्सा थी जब अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता के पक्षधर पश्चिमी विश्व को इस्लाम की आलोचना से डराकर रोका गया था.
- और आपके द्वारा किया गया काम तुष्टीकरण है इसका एक प्रमाण यह भी है की आपने हिन्दू धर्म की आलोचना वाले लेख को तो बड़े जोर शोर और गर्व से बना दिया लेकिन आपने इस्लाम की आलोचना वाले लेख पर एक पंक्ति तक नहीं लिखी है।