क़ुरान शरीफ़ वाक्य
उच्चारण: [ keuraan sherif ]
उदाहरण वाक्य
- मक्का के समीप हिरा की चोटी पर कई दिन तक चिन्तनशील रहने के उपरान्त उन्हें देवदूत जिबरील का संदेश प्राप्त हुआ कि वे जाकर क़ुरान शरीफ़ के रूप में प्राप्त ईश्वरीय संदेश का प्रचार करें।
- जैसा कि क़ुरान शरीफ़ में भी आया है कि ऐ बनी इस्राएल तुम अपना वह वादा पूरा करो जो तुमने मुझ से किया था, ताकि मैं अपना वह वादा पूरा करूं जो मैंने तुम से किया था।
- क़ुरान शरीफ़ के शब्दों में ' ए ईमान वालो, हमने तुम पर रोज़े पाक कर दिये हैं, जैसा कि तुमने पिछली उम्मतों (अनुयायियों) पर फ़र्ज किए थे ताकि तुम मुत्तफ़िक़ अर्थात फ़रमाबरदार बन जाओ।
- किसी खास मसले पर इस्लाम के अनुसार किस तरह का व्यवहार किसी मुसलमान को करना चाहिए इस बात का निर्णय मुफ्ती द्वारा दिया जाता है जो कि इस्लाम के अनुसार पवित्र क़ुरान शरीफ़ और हदीस के आधार पर अपना निर्णय देते हैं.
- मनु के बग़ल में बैठी उस वृद्ध महिला ने तो ज़ोर ज़ोर से क़ुरान शरीफ़ ही पढ़ना शुरू कर दिया था और सामने बैठा वह बंगाली पैसेंजर हिचकियाँ लेकर तार-तार रो रहा था, अपने पाँच साल के बेटे को बार बार कोसते और मारते हुए।
- वैसे ही मेढ़ के लिए उस हिन्दू दरखान के अलावा अगर कोई सैयदज़ादा क़ुरान शरीफ़ उठाये साक्षात् फ़रीकै़न के दरमियान आ जाता या क़बीलों की चन्द बूढ़ियाँ सिर खोले, बाल बिखराये, गले में चादर डाले ठीक लड़ाई के दौरान रणभूमि में पहुँच जातीं, तो उनके सम्मान में भी लड़ाई बन्द करने का ऐलान कर दिया जाता।
- भई सिद्दीक़ी अगर मुमताज़ ने क़ुरान शरीफ़ की आयत लिखी दीवार पे लिखवाया है, तो वो ज़रूर अल्लाह पे यक़ीं रखता है, क्यों के अगर वो चाहता तो तो कोई आऔर चीज़ भी लिखवा सकता था, आज हम मुसलमानो के घर मे भी दीवारो पर आयत लिखी होती है फ्रेम मे ही सही....
- वैसे ही मेढ़ के लिए उस हिन्दू दरखान के अलावा अगर कोई सैयदज़ादा क़ुरान शरीफ़ उठाये साक्षात् फ़रीकै़न के दरमियान आ जाता या क़बीलों की चन्द बूढ़ियाँ सिर खोले, बाल बिखराये, गले में चादर डाले ठीक लड़ाई के दौरान रणभूमि में पहुँच जातीं, तो उनके सम्मान में भी लड़ाई बन्द करने का ऐलान कर दिया जाता।
- तख़्त यानि सिंहासन पर साकार बैठेगा कि निराकार? लाइन में पंक्तिबद्ध साकार के सामने होंगे कि निराकार के सामने होंगे? राज्य साकार करेगा कि निराकार करेगा? दोस्त निराकार रखेगा कि साकार रखेगा? सातवें आसमान पर बिहिश्त का बाग साकार का होगा कि निराकार का होगा? नहरें, रूहें-ये सब साकार के होंगे कि निराकार के? मौलवी साहब लोगों से पूछा जाए कि ये सब बातें क़ुरान शरीफ़ की हैं या नहीं? अल्लाहताला अपने पास बैठाता है-एक पंक्ति में बैठाता है।