कुंभीपाक वाक्य
उच्चारण: [ kunebhipaak ]
उदाहरण वाक्य
- चेहरे पर धुँधलापन आया, माथे पर बल पड़े, नाक कुछ सिकुड़ी और स् वर गंभीर हो गया-” हरे कृष् ण! हे कृष् ण! बड़ा बुरा हुआ, प्रातःकाल ब्रह्म-मुहूर्त में बिल् ली की हत् या! घोर कुंभीपाक नरक का विधान है! रामू की माँ, यह तो बड़ा बुरा हुआ।
- फिर भी, अब कल रात की मेरी बातचीत का एक जवाब सवाल की शक्ल में ऊपर उभरने लगा: चोरी और उठाईगीरी की व्यवस्था कुछ दिनों के उस विकास की झलक भले ही दिखा दे जो मध्यमवर्गियों का स्वर्ग है, पर उसमें फूलमती की जगह कहाँ पर होगी? पुराणों में कुंभीपाक मवाद और मज्जा से भरा हुआ एक नरक है, एक दूसरा नरक असिपत्र है जहाँ राह में खड़े पेड़ों पर तलवारों की पत्तियाँ होती हैं और वे पग − पग पर देह में घाव करती हैं।