कृष्ण महाराज वाक्य
उच्चारण: [ kerisen mhaaraaj ]
उदाहरण वाक्य
- क्योंकि शनिचरजी, कृष्ण महाराज और नरसिंहजी महाराज और गुरुनानकजी महाराज ने वाकिफ कर दिया था इस वास्ते छल में नहीं पड़े, इससे अपने-2 बुजर्गों की औलाद बची है, अगर सब संसार राक्षसों के छल में पड़ जाता तो गारत कर देते।
- राधा कृष्ण महाराज ने कहा कि भगवान कृष्ण ने जैसे कालिया नाग का दमन कर यमुना को प्रदूषण से मुक्ति दिलाई उसी प्रकार हमें ठाकुरजी से ही प्रार्थना करनी होगी कि प्रभु अब आप ही यमुना को शुद्ध करने में मदद करें।
- जोधपुर से वृंदावन में श्रीमद्भागवत कथा करने आए बाल व्यास राधा कृष्ण महाराज ने कहा कि यमुना में व्याप्त प्रदूषण के लिए कथा वाचकों, संतों और आम लोगों को मिलकर प्रयास करने होंगे तभी यमुना शुद्धिकरण के सार्थक प्रयास सामने आएंगे।
- ऐसे ही धारणा लिए फोगला आश्रम में कथा श्रवण करने आए महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और हैदराबाद के श्रद्धालुओं ने रविवार को कथा व्यास राधा कृष्ण महाराज और संतों के सान्निध्य में बांके बिहारी महाराज को यमुना शुद्धिकरण का ज्ञापन सौंपा।
- अतुल कृष्ण महाराज ने बताया कि श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं को देखने के लिये देव लोक के देवतागण भी इतने आतुर होते थे कि रूप बदल कर पृथ्वी लोक पर आते थे और उनकी लीलाओं में शामिल होकर आनंद लिया करते थे।
- कथा के प्रथम दिन भागवत जी के महात्म पर प्रकाश डालते हुये व्यासाचार्य मृदुल कृष्ण महाराज ने कहा कि बृज में होली के पर्व पर यहां बांके बिहारी एवं ठा 0 राधा सनेह बिहारी से रंग अबीर की होली खेलने का अवसर प्राप्त होगा।
- ऐसे-2 किस्सा सुन-2 कर मैं भी अंधा था, और भजनों को सुनता था तो वहीं बात और ब्राह्मणों के पास कृष्ण महाराज की बातें सुनता था तो वोह भी यहीं बातें कहते थे ; जब जानता कि कृष्णजी ही घड़न भंजन है।
- कथा के दौरान संत ज्ञानानन्द महाराज, गोविन्द देव गिरि महाराज, मलूक पीठाधीश्वर राजेन्द्र दास महाराज, गोपा राजा श्रीराम प्रवेश दास महाराज, गोवत्स राधा कृष्ण महाराज एवं ज्ञानानन्द महाराज-पथमेड़ा, श्री गिरि बाबा, श्री गोपेश महाराज, गोपाल प्रसाद उपाध्याय आदि मौजूद थे।
- राक्षस विद्या ' रखा जिसको नरसिंधजी ने दुनिया में प्रगट किया, और कंस राजा ने जो राक्षसी पाप चलाया था उसका नाम ‘ जादूचाला ' रखा कि जिसको श्री कृष्ण महाराज ने संसार में प्रगट किया, और कारुन बादशाह ने जो राक्षसी पाप चलाया उसका नाम ‘
- जो जातक काल सर्प दोष से पीड़ित हैं और अपने जीवन में प्रगति नहीं कर पा रहे हैं, देव पित्र अमावस्या पर वृन्दावन के सुविज्ञ शास्त्रिओं द्वारा कराये जा रहे अदभुत महायज्ञ में योगदान करके ग्रहों की वाधाएं दूर कर सकते हैं॥ अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें...आचार्य आदित्य कृष्ण महाराज मोबाइल नम्बर-९१९७१९१७०७०७..