खिलजी वंश वाक्य
उच्चारण: [ khileji vensh ]
उदाहरण वाक्य
- बाद में उसके वंश के बाद्, खिलजी वंश के अलाउद्दीन खिलजीने यहाँ अलाई मीनार बनवानी आरम्भ की, जो कुतुब मीनार से दोगुनी ऊँची बननी प्रस्तावित थी, परन्तु किन्हीं कारणवश नहीं बन पायी।
- बाद में उसके वंश के बाद्, खिलजी वंश के अलाउद्दीन खिलजी ने यहाँ अलाई मीनार बनवानी आरम्भ की, जो कुतुब मीनार से दोगुनी ऊँची बननी प्रस्तावित थी, परन्तु किन्हीं कारणवश नहीं बन पायी।
- बीड 1317 में पहली बार के लिए मुस्लिम शासन के अधीन आया जब कुतुब-उद-दीन मुबारक शाह (1316-1320), पिछले खिलजी, देवगिरी पर कब्जा कर लिया और यादव वंश खिलजी वंश कब्जा कर लिया था.
- राजवंशों, खिलजी वंश, तुगलक वंश, सैयद वंश और लोधी वंश देर मध्ययुगीन काल में सत्ता आयोजित किया है, और किलों और बस्ती के एक दृश्य है कि दिल्ली की सात शहरों का हिस्सा हैं का निर्माण किया.
- इनमें आजुर्नापन और तुम्बर, कुणिद, यौद्धेय, आग्रेह, कृषणि, रोमन, यूनानी, तुगलकी, खिलजी वंश, गुप् त पल्लव कुशा, गुर्जर, चोल, प्रतिहार, तोर और मुगलों सहित सभी वंशों, राजसत्ताओं और शासकों की मुद्राएं संगृहीत की गयीं हैं ।
- प्रशासनिक इकाई के रूप में जिले का इतिहास Ballia जिले के इतिहास की शुरुआत सन 1302 ई 0 से शुरु होती है, जब खिलजी वंश के शासक बख्तियार खिलजी ने अंगदेश वर्तमान दक्षिण बिहार के भू-भाग और बंगदेश वर्तमान बंगाल प्रान्त एवं बंगलादेश के भू-भाग से काटकर कर बलिया नाम से राजस्व वसूली की इकाई महाल बनाया ।
- में दिल्ली के सिहासन को हस्तगत किया और खिलजी वंश की नीव रखी तो बलबन के समय के बहुत से अमीर, मलिक, जागीरदार इस नये राज्य में दरिद्र हो गये थे | नये सुलतान ने उन के सारे इलाके और जागीरे छीन कर अपने विश्वस्त और वफादार साथियो को बाट दी |अब बलबनी अमीरों के पास कोई इलाका नही बचा था |, वे दर-दर के भिखारी बन गये थे और सीदी मौला के खानगाह से भोजन पाकर किसी तरह अपने दिन काट रहे थे |