गर्ग संहिता वाक्य
उच्चारण: [ garega senhitaa ]
उदाहरण वाक्य
- भगवान बलराम का जन्म गर्ग संहिता के अनुसार महाभारत काल में स्वाति नक्षत्र में भाद्रपद शुक्ल षष्ठी के दिन, वार बुधवार को दोपहर 12:
- गर्ग संहिता में महर्षि गर्ग ने कहा है कि इस कथा को जो लोग ध्यान से सुनते हैं उनके जीवन में प्रेम की कोई कमी नहीं होती।
- गर्ग संहिता, भागवत पुराण और कई अन्य ज्योतिषीय ग्रंथों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र, वृष लग्न और बुधवार था।
- गर्ग संहिता में कहा गया है कि एक बार नन्द बाबा व यशोदा मैया ने भगवान् श्रीकृष्ण से चारों धामों की यात्रा करने हेतु अपनी इच्छा व्यक्त की थी।
- गर्ग संहिता में कहा गया है कि एक बार नन्द बाबा व यशोदा मैया ने भगवान् श्रीकृष्ण से चारों धामों की यात्रा करने हेतु अपनी इच्छा व्यक्त की थी।
- गर्ग संहिता में कहा गया है कि एक बार नन्द बाबा व यशोदा मैया ने भगवान् श्रीकृष्ण से चारों धामों की यात्रा करने हेतु अपनी इच्छा व्यक्त की थी।
- गर्ग संहिता में कहा गया है कि एक बार नन्द बाबा व यशोदा मैया ने भगवान् श्रीकृष्ण से चारों धामों की यात्रा करने हेतु अपनी इच्छा व्यक्त की थी।
- भाण्डीरवन: गर्ग संहिता के अनुसार एक बार नन्दबाबा कन्हैया को लेकर शाम के समय भ्रमण पर जा रहे थे, रास्ते में अंधेरा होने पर कन्हैया रोने लगे।
- गर्ग संहिता के गिरिराज खण्ड में श्री गोवर्धननाथ के देवदमन और श्रीनाथजी दोनो ही के नामों का उल्लेख है-” श्रीनाथं देवदमनं वदिष्यन्ति सज्जनाः” (७/३०/३१) इस प्रकार 'श्रीनाथजी' यह अभिधान भी बहुत प्राचीन है।
- लोक-प्रचलित कथा यह है कि श्रीकृष्ण के साथ राधा जी का विवाह नहीं हुआ, किंतु गर्ग संहिता के अनुसार गर्ग मुनि ने वन में दोनों का विवाह ब्रह्माजी की उपस्थिति में कराया था।