गोविन्द निहलानी वाक्य
उच्चारण: [ gaovined nihelaani ]
उदाहरण वाक्य
- उमा में देखी सबसे यादगार फिल्म है-तक्षक. गोविन्द निहलानी की इस फिल्म को समीक्षकों ने भलें ही उतना नहीं सराहा हो, पर हमारे लिए यह उत्कृष्ट फिल्म थी.
- एक ही कहानी पर अगर बड़जात्या और गोविन्द निहलानी साहब फिल्म बनायेंगे तो दोनों का ट्रीटमेंट अलग होगा! हर एक की अपनी अलग शैली होती है हर एक की अपनी पसंद!
- गौरतलब है कि इससे पहले अमिताभ बच्चन और करीना कपूर गोविन्द निहलानी की फिल्म देव में एक साथ काम कर चुके हैं हालांकि इस फिल्म में इन दोनों का एक भी सीन आमने सामने नहीं था।
- पृथ्वी थियेटर से ही इनकी दोस्ती अभिनेता अमरीश पुरी, कुलभूषण खरबंदा, नसीरूद्दीन शाह, ओमपुरी, इला अरूण, स्मिता पाटिल, शबाना आजमी, निर्देशक श्याम बेनेगल और सिनेमेटोग्राफर, निर्देशक गोविन्द निहलानी से हुई थी.
- इसके बाद, फिल्म समीक्षकों द्वारा बहुप्रशंसित फिल्मों गोविन्द निहलानी द्वारा निर्देशित “ देव ” और संगीतकार से निर्देशक बने विशाल भारद्वाज की फिल्म “ ओमकारा ” में अभिनय के लिए उन्हें फिल्मफेयर समारोह में आलोचकों की दृष्टि से दो सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार मिले।
- इस खीझ को गोविन्द निहलानी की आक्रोश में देखा जा सकता है, प्रकाश झा की दामुल में दिखायी देता है, अनुराग कश्यप की ब्लैक फ्राइडे में देख सकते हैं, श्याम बेनेगल की वेलकम टू सज्जनपुर में थोड़ा सा आभास दिलाता है।
- मेरा परिचय अधिकतर फिल्मों से ही हुआ है और उस में भी स्वाभाविकतः निर्देशक पर काफी कुछ निर्भर करता है-गोविन्द निहलानी, गौतम घोष या श्याम बेनेगल के गाँवों से सूरज बड़जात्या का ‘ हम आपके हैं कौन ' का गाँव का कोई मेल नहीं।
- मृणाल सेन के बाद मणि कॉल, बासु चटर्जी, अडूर गोपालकृष्णन, कुमार साहनी, श्याम बेनेगल, गोविन्द निहलानी, अवतार कौल, गिरीश कर्नाड, प्रकाश झा और सई परांजपे जैसे संवेदनशील फिल्मकारों ने लीक से हटकर यथार्थवादी सिनेमा का निर्माण किया.
- सन 1983 में मोहनकुमार की ' अवतार ', राहुल रवैल की ' बेताब ', बापू की ' वो सात दिन ', सुभाष घई की ' हीरो ', श्याम बेनेगल की ' मंडी ' और गोविन्द निहलानी की ' अर्धसत्य ' ने दर्शकों का मन मोह लिया।
- 2004 में उन्होंने “चमेली” में एक वैश्य के दमदार किरदार से शानदार वापसी की| इस फिल्म में उन्होंने राहुल बोज़ के विपरीत एक वैश्य का किरदार निभाया और उन्हें फिल्मफेयर विशेष अदाकारी पुरस्कार मिला| उनकी अगली फिल्में मणि रत्नम की युवा, गोविन्द निहलानी की देव औसतन फिल्में रही| देव के लिए उन्हें फिल्मफेयर समीक्षक पुरस्कार मिला|