ज़बूर वाक्य
उच्चारण: [ jebur ]
उदाहरण वाक्य
- दूसरी: इस्लामी आस्था के मूल सिद्धान्तों में से यह है कि: अल्लाह की किताब “ क़ुरआन करीम ” सब से अन्त में उतरने वाली और सर्व संसार के पालनहार की तरफ से सब से नवीनतम पुस्तक है, और यह कि क़ुर्आन इस से पूर्व उतरने वाली हर किताब जैसे कि तौरात, ज़बूर और इंजील वगैरा को मनसूख करने वाला, और उस पर निरीक्षक है।
- हज़रत दाऊद पर उतरी आसमानी किताब ज़बूर में बारम्बार इस बात की शुभ सूचना दी गयी है और हज़रत दाऊद को ढ़ारस बंधाती है कि बुरे लोगों से दुःखी न हो क्योंकि घास की भांति शीघ्र ही उन्हें काट लिया जायेगा, ईश्वर पर भरोसा करो और उसके अस्तित्व से आनंद उठाओ, क्योंकि बुरे लोंगों का अंत हो जायेगा और ईश्वर पर भरोसा करने वाले ही ज़मीन के उत्तराधिकारी होंगे ”
- इस सन्देश के द्वारा, पहले की सारी धार्मिक पुस्तकें, ज़बूर (Zabur) (Psalms) (Herbew Bible) (Old testament) {पैगम्बर दऊद (David) के उपदेश}, तौरैत (Tawrat) (Torah) (यहूदियों की धार्मिक पुस्तक), और इनजील (Injil) (New Testament) (बाइबिल) (इसाइयों की पवित्र पुस्तक) मंसूख कर दी गयीं हैं।
- अन्य धर्मग्रंथों में चाहे वेदों में कोई हो, रामायण, महाभारत, गीता अथवा बाइबल या ज़बूर हो किसी में पुरूष के लिए पत्नियों की संख्या पर कोई प्रतिबन्ध नहीं लगाया गया है, इन समस्त ग्रंथों के अनुसार कोई पुरुष एक समय में जितनी स्त्रियों से चाहे विवाह कर सकता है, यह तो बाद की बात है जब हिन्दू पंडितों और ईसाई चर्च ने पत्नियों की संख्या को सीमित करके केवल एक कर दिया।
- हमने तुम्हें उनकी ज़िम्मेदारी लेनेवाला कोई क्यक्ति बनाकर नहीं भेजा है (कि उन्हें अनिवार्यतः संमार्ग पर ला ही दो) (54) तुम्हारा रब उससे भी भली-भाँति परिचित है जो कोई आकाशों और धरती में है, और हमने कुछ नबियों को कुछ की अपेक्षा श्रेष्ठता दी और हमने ही दाऊद को ज़बूर प्रदान की थी (55) कह दो, ” तुम उससे इतर जिनको भी पूज्य-प्रभु समझते हो उन्हें पुकार कर देखो।
- एक स्वयं “ क़ुरआन ” जिसका अवतरण अरब क्षेत्र में मुहम्मद सा 0 सल्ल 0 पर हुआ, दूसरे “ इंजील ” (बाइबिल) जो येरोशेलम (फिलिस्तीन) में “ ईसा मसीह ” पर उतारी गई, तीसरे “ तौरैत ” जो मिस्र में प्रकट होने वाले पैग़म्बर मूसा को दी गई, “ चैथे ज़बूर ” जो हज़रत ” “ दाऊद ” को मिली। पाचवे “ सुहुफ-ए-ऊला “ ससूरह आला आयत नं 18 या “ ज़ुबुर-ए-अव्वलीन ” सूरह शुअरा 196