ज़लज़लों वाक्य
उच्चारण: [ jelejelon ]
उदाहरण वाक्य
- ज़लज़लों और क़ुदरती तबाहियों के बारे में अल्लाह की नीति The punishment फिर तुमसे पहले जो नस्लें गुज़र चुकी हैं उनमें ऐसे भले-समझदार लोग क्यों न हुए जो धरती में बिगाड़ से रोकते, उन थोड़े से लोगों के सिवा जिनको उनमें से हमने बचा लिया।
- तुझ पर हवादिस के हमले हो रहे हैं और तुझे ज़लज़लों का मरकब बना दिया गया है और मुझे यह मालूम है के जो ज़ालिम व जाबिर भी तेरे साथ कोई बुराई करना चाहेगा परवरदिगार उसे किसी न किसी मुसीबत में मुब्तिला कर देगा और उसे किसी क़ातिल की ज़द पर ले आएगा।
- ये भाव बहुत सुन्दर लगे-“रोज़ बढ़ता हूँ जहाँ से आगे फिर वहीं लौट के आ जाता हूँ बारहा तोड़ चुका हूँ जिन को इन्हीं दीवारों से टकराता हूँ रोज़ बसते हैं कई शहर नये रोज़ धरती में समा जाते हैं ज़लज़लों में थी ज़रा सी गिरह वो भी अब रोज़ ही आ जाते हैं”
- तब यह ख़ामोशी, यह आह, तूफान बनकर टूटी है, बरसों से दबी, कुचली हुई ताक़त, ज़लज़लों से झूझती है, साथ जो मिल जाय एक बार समय का, उसके तो फिर कहने ही क्या! करवट बदल ले वोह बस एक बार! तो रावण भी क्या! उखाड़ सकती है पाप की जड़ को.
- सभी को कीमती कपड़े पहन के आने हैं / ज्ञान प्रकाश विवेक जो ख़ुद कुशी के बहाने तलाश करते हैं / ज्ञान प्रकाश विवेक वो मेरे जिस्म के अन्दर है ज़लज़लों की तरह / ज्ञान प्रकाश विवेक लम्हा-लम्हा पिघलती आवाज़ें / ज्ञान प्रकाश विवेक जला के तीलियाँ अब दोस्त मिलने आया है / ज्ञान प्रकाश विवेक ज़िन्दगी के लिए इक ख़ास सलीक़ा रखना / ज्ञान प्रकाश विवेक
- किस के दिल में दर्द कितना है निहाँ दे सके तो दे कोई ये इम्तिहाँ हम मसीहा हो गए सब नातवाँ मिट गए हैं तेरे क़दमों के निशाँ ज़लज़लों की हो गई है इन्तिहा ये हवा किस तर्फ होगी अब रवाँ सब रसूलों में बहुत तकरार है, टूट जाएगा किसी दिन ये मकाँ नज्र मेरी क्या हुआ ये यक-ब-यक बर्क़ सी दिखने लगी है कहकशाँ बो रहे थे कल तलक जो खुशबुएँ आज वो तामीर करते है धुआँ मुझ पे रंजीदा हुआ भगवान क्यों पूछता है अपने रब से मुस्लिमाँ (