ज्ञानप्रकाश विवेक वाक्य
उच्चारण: [ jenyaaneprekaash vivek ]
उदाहरण वाक्य
- 90 के आसपास शमशेर और दुश्यन्त से प्रेरित होकर कुछ ग़ज़लें लिखीं और जिन पर ज्ञानप्रकाश विवेक और कान्तिमोहन जैसे कुछ लेखकों ने महत्वपूर्ण हिन्दी ग़ज़लकार होने का श्रेय भी उन्हें दिया।
- (0).. छो सेवानगर कहाँ है / ज्ञान प्रकाश विवेक (सेवानगर कहाँ है / ज्ञानप्रकाश विवेक का नाम बदलकर सेवानगर कहाँ है / ज्ञान प्रकाश विवेक कर दिया गया ह)
- एस॰ आर॰ हरनोट गौरव सोलंकी तेजेन्द्र शर्मा तुषार जोशी धीरेन्द्र अस्थाना पंकज सुबीर प्रवीण पंडित मनोज कुमार पाण्डेय विनय के जोशी विमल चंद्र पाण्डेय विश्व दीपक तन्हा श्याम सखा ' श्याम' श्रवण सिंह सूरज प्रकाश ज्ञानप्रकाश विवेक
- ललित कार्तिकेय को करीब से जानने वाले कथाकार ज्ञानप्रकाश विवेक ने ‘ एक अशांत अदीब की खामोश मौत ' शीर्षक से जो बेहद मार्मिक संस्मरण सुनाया, वह उनकी जिंदगी की परतों को खोलने वाला था।
- (उपर) 21:48, 6 मार्च 2010 (अंतर | इतिहास).. (+82).. न बच्चा / ज्ञान प्रकाश विवेक (बच्चा / ज्ञानप्रकाश विवेक का नाम बदलकर बच्चा / ज्ञान प्रकाश विवेक कर दिया गया है)
- ख्यात ग़ज़लकार शहरयार को याद करते हुए ज्ञानप्रकाश विवेक, शेखर जोशी, साधना अग्रवाल तथा रूपसिंह चंदेल ने शहरयार की जीवन शैली को जानने समझने का एक अवसर साहित्य के नए पाठकों व लेखकों को दिया है।
- ऐसे समय अगर कोई अपना मिल जाए तो सहजता से ही शब्द निकलते है ; “ आईऐ, चाय पीतें है | ” अंत में हिन्दी कविश्री ज्ञानप्रकाश विवेक के इन शब्दों को समझने की कोशिश करें...
- ३ ० जनवरी, १ ९ ४ ९ को जन्में वरिष्ठ कथाकार ज्ञानप्रकाश विवेक ने हिन्दी में एम. ए. करने के पश्चात लंबे समय तक ओरियण्टल इंश्योरेंस कम्पनी में कार्य कर वहां से स्वैच्छिक सेवा अवकाश ग्रहण किया.
- यादवेन्द्र शर्मा चन्द्र, रमाकान्त, असगर वजाहत, बलराम, रमेश बतरा, ज्ञानप्रकाश विवेक, रूपसिंह चन्देल, सुभाष नीरव, महेश दर्पण, सुनील कौशिश, सुमति अय्यर, बलराम अग्रवाल, सतीश दुबे आदि ऎसे ही रचनाकार थे.
- ' दोआबा ' के इस अंक में सुचयनित कविता एवं कहानियों में सिएथल, मीरा कुमार, स्नेहमयी चैधरी, सोनिया सिरसाट, राजेन्द्र नागदेव, राजकुमार कुम्भज, रामकुमार आत्रेय, सुशील कुमार, अशोक गुप्त, भारत भूषण आर्य और ज्ञानप्रकाश विवेक सम्मलित हैं।