डेविड कॉपरफील्ड वाक्य
उच्चारण: [ devid koperfiled ]
उदाहरण वाक्य
- ऐसे गॉलिएथ के सामने जिसमें शकुनियों की चालाकियां भी भरी हों, कविता क्या कर लेगी? जैसे डेविड कॉपरफील्ड कहता है-‘मोर सूप', वैसे ही कविता भी ‘विरोध का मोर सूप' मांगेगी. वह ज़्यादा सीधी लेकिन कम सरल होगी, वह जटिल होगी लेकिन उसके जोड़ों का दर्द नहीं दिखेगा, वह तमाम पारंपरिकताओं का मुखर नकार करेगी और मुहावरों को चुनौती और नया अर्थ देगी, वह बहुलताओं को समाविष्ट और बहुमतों को निरस्त करेगी, स्वयं निरस्त हो जाने के आत्महंता जोखिम तक जाकर.