तीर्थंकर पार्श्वनाथ वाक्य
उच्चारण: [ tirethenker paareshevnaath ]
उदाहरण वाक्य
- वैसे तेईसवें तीर्थंकर पार्श्वनाथ को ऐतिहासिक लोग जैन धर्म का संस्थापक मानते हैं और चौबीसवें अंतिम तीर्थंकर महावीर को जैन धर्म का संशोधक माना जाता है।
- दुर्ग जिला का ग्राम नगपुरा प्राचीन शिव मंदिर के कारण जाना जाता है, किन्तु यहां से तीर्थंकर पार्श्वनाथ की प्राचीन प्रतिमा भी प्राप्त हुई है।
- वैसे तेईसवें तीर्थंकर पार्श्वनाथ को ऐतिहा सिक लोग जैन धर्म का संस्थापक मानते हैं और चौबीसवें अंत िम तीर्थंकर महावीर को जैन धर्म का संशोधक माना जाता है।
- पहले अध्याय में श्रमण परम्परा, आर्हत् धर्म, निर्ग्रन्थ धर्म तथा प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव अथवा आदिनाथ, बाईसवें तीर्थंकर नेमिनाथ तथा तेईसवें तीर्थंकर पार्श्वनाथ के ऐतिहासिक संदर्भों की विवेचना प्रस्तुत है।
- गातांक से आगे...तीर्थंकर वर्धमान महावीर-अन्तिम जैन तीर्थंकर भगवान महावीर के माता-पिता तेईसवें तीर्थंकर पार्श्वनाथ की सम्प्रदाय के अनुयायी थे-ऐसा जैन आगम (आचारांग ३, भावचूलिका ३, सूत्र ४०१) में स्पष्ट उल्लेख मिलता है।
- क्योंकि अब यह मान्य तथ्य है कि जैन धर्म के तैबीसवे तीर्थंकर पार्श्वनाथ एक ऐतिहासिक पुरुष थे, तथा जिन पुरुष महावीर 24 तीर्थंकरो की महात्ममंड्ली मै अंतिम धर्म सुधारक थे | ”
- 52 जिनालय युक्त इस जैन मन्दिर में जैन सम्प्रदाय के 23 वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ भगवान की 31 इंच बड़ी श्याम वर्ण पद्मासनस्थ मुर्ति स्थापित है, जो कि विक्रम संवत 1656 में बनी थी।
- कंकालीन-बैजलपुर से एक किलोमीटर दूर बफेला-देवसरा में आठवी शताब्दी की जैन तीर्थंकर पार्श्वनाथ भगवान की काले ग्रेनाइट की कलात्मक प्रतिमा भी उत्खनन में प्राप्त हुई हैं जो पंडरिया के जैन मंदिर में प्रस्थापित है।
- अन्तिम जैन तीर्थंकर भगवान महावीर के माता-पिता तेईसवें तीर्थंकर पार्श्वनाथ की सम्प्रदाय के अनुयायी थे-ऐसा जैन आगम (आचारांग ३, भावचूलिका ३, सूत्र ४ ० १) में स्पष्ट उल्लेख मिलता है।
- इसी प्रकार की अनेक कलात्मक प्रतिमायें यहां प्रदर्शित हैं जिनमें नृसिंह, अम्बिका, चामुंडा, विष्णु, सूर्य, हारिति, दुर्गा, नाग पुरुष, बुद्ध, तीर्थंकर पार्श्वनाथ, नदी देवियां आदि विशेष महत्वपूर्ण हैं ।