तुगलक वंश वाक्य
उच्चारण: [ tugalek vensh ]
उदाहरण वाक्य
- राजवंशों, खिलजी वंश, तुगलक वंश, सैयद वंश और लोधी वंश देर मध्ययुगीन काल में सत्ता आयोजित किया है, और किलों और बस्ती के एक दृश्य है कि दिल्ली की सात शहरों का हिस्सा हैं का निर्माण किया.
- मुस्लिम जाति व्यवस्था के विद्वानों की घोषणा का एक शास्त्रीय उदाहरण फतवा-ई जहांदारी है, जिसे तुर्की विद्वानों जियाउद्दीन बरानी द्वारा चौदहवीं शताब्दी में लिखा गया था, जो कि दिल्ली सल्तनत के तुगलक वंश के मुहम्मद बिन तुगलक दरबार के एक सदस्य थे.
- मुस्लिम जाति व्यवस्था के विद्वानों की घोषणा का एक शास्त्रीय उदाहरण फतवा-ई जहांदारी है, जिसे तुर्की विद्वानों जियाउद्दीन बरानी द्वारा चौदहवीं शताब्दी में लिखा गया था, जो कि दिल्ली सल्तनत के तुगलक वंश के मुहम्मद बिन तुगलक दरबार के एक सदस्य थे.
- शहाबुद्दीन गौरी (1175-12.6) के आक्रमण से लेकर गुलामवंश (12.6-129.), खिलजीवंश (129.-132.), तुगलक वंश (132.-1412), सैयद वंश (1414-1451) तथा लोदीवंश (1451-1526) के शासनकाल तक हिन्दुस्तान में तुर्क एवं पठान जाति के लोग आए तथा तुर्की एवं पश्तो भाषाओं तथा तुर्क-कल्चर तथा पश्तो-कल्चर का प्रभाव पड़ा।
- यह सैय्यद वंश, जो कि दिल्ली पर सन १४१४-१४५१ तक शासन करते थे | इन्होंने तुगलक वंश के बाद शासन सम्भाला व मात्र ३७ वर्ष बाद ही अफगान लोधी वंश द्वारा शासन अधिकृत करलिया गया| उस सैय्यद वंश द्वारा बसाया हुआ क्षेत्र थ, जो आज कोटला मुबारकपुर के नाम से जाना जाता है|