दामाखेड़ा वाक्य
उच्चारण: [ daamaakheda ]
उदाहरण वाक्य
- उग्रनाम साहेब के समय से ही छत्तीसगढ़ मे कबीरपंथ के अनुयायियों की संख्या कवर्धा आदि गद्दी की बजाय दामाखेड़ा गद्दी की ओर झुकती गई और अब यह सबसे प्रमुख केंद्र है।
- 1982-85 के एक सर्वेक्षण के अनुसार विभिन्न शाखाओं के कबीरपंथ के अनुयायियों की संख्या देश भर में 96 लाख थी जिसका सबसे बड़ा हिस्सा दामाखेड़ा वंशगद्दी का 33. 5 फीसदी था।
- इसी प्रकार कुदुरमाल (कोरबा), दामाखेड़ा (सिमगा) में माघ पूर्णिमा पर कबीरपंथी विशाल मेले आयाजित होते हैं तथा ऐसे कई अन्य कबीरपंथी जुड़ाव-भण्डारा सरगुजा अंचल में होते रहते हैं।
- चाम्पा के लिए पांच लाख रूपए, सिरपुर महोत्सव सिरपुर के लिए पांच लाख रूपए, ताला महोत्सव बिलासपुर के लिए दो लाख रूपए, रतनपुर महोत्सव रतनपुर बिलासपुर के लिए पांच लाख रूपए, कुदुरगढ़ महोत्सव सरगुजा के लिए एक लाख रूपए, कबीरपंथी मेला दामाखेड़ा रायपुर के लिए दो लाख रूपए, जगन्नाथ मंदिर रथ यात्रा महोत्सव रायपुर के लिए दो लाख रूपए, करिया
- कुदुरमाल, रतनपुर, मण्डला, धमधा, कवर्धा, दामाखेड़ा, बमनी, हरदी, धनौरा, कबीर मन्दिर मऊ, सहनिया (छतरपुर), सिंघोड़ी, छोटी बड़ैनी (दतिया) कबीर मन्दिर (नानापेट पूना), गरौठा (बुन्देलखण्ड), कबीर आश्रम जामनगर, दार्गिया मुहल्ला सूरत, लाल दरवाजा (सूरत), कबीर मन्दिर सीनाबाग बड़ौदा, अहमदाबाद, खैरा (बिहार), खांपा (नागपुर), बंगलौर, जालौन व खरसिया जहां कि विक्रम संवत 1990 में नादवंश स्थापित हुआ।