देवकांत बरुआ वाक्य
उच्चारण: [ devekaanet beruaa ]
उदाहरण वाक्य
- बदली हुई मानसिकता का सर्वोत्तम उदाहरण इंदिरा कांग्रेस के अध्यक्ष देवकांत बरुआ का वह प्रसिद्ध कथन है जो बीसवीं शताब्दी के चापलूस पुराण का शिरोवाक्य बन गया है।
- (देवकांत बरुआ द्वारा आपातकाल के दौरान दिए गए नारे ‘इंडिया इंदिरा है और इंदिरा इंडिया' को याद करें।) अहमदाबाद स्थित भाजपा ऑफिस में मोदी का प्रभाव साफ नजर आता है।
- 1975-77 के आपातकाल के दौरान एक कांग्रेस अध्यक्ष देवकांत बरुआ ने घोषणा की थी कि ‘ इंदिरा (गांधी) भारत हैं, भारत इंदिरा है '.
- (देवकांत बरुआ द्वारा आपातकाल के दौरान दिए गए नारे ‘इंडिया इंदिरा है और इंदिरा इंडिया' को याद करें।) अहमदाबाद स्थित भाजपा ऑफिस में मोदी का प्रभाव साफ नजर आता है।
- तब असम के दिग्गज नेता देवकांत बरुआ ने आपातकाल के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के प्रति वफादारी दिखाने के लिए ‘इंदिरा इज इंडिया एंड इंडिया इज इंदिरा ' कहा था।
- (देवकांत बरुआ द्वारा आपातकाल के दौरान दिए गए नारे 'इंडिया इंदिरा है और इंदिरा इंडिया' को याद करें।) अहमदाबाद स्थित भाजपा ऑफिस में मोदी का प्रभाव साफ नजर आता है।
- उनके समय में चापलूसी का ऐसा आलम था कि तब के कांग्रेस अध्यक्ष देवकांत बरुआ ने इंदिराजी की जय-जयकार करते हुए कह डाला था कि ' इंडिया इज इंदिरा, इंदिरा इज इंडिया।'
- जब कांग्रेस के अध्यक्ष देवकांत बरुआ हुआ करते थे उन्होनेँ असम मे बांग्लादेशी मुसलमानोँ को असम मे बसने, घुसपैठ करने की खुली छुट मिली ताकि कांग्रस का वोट बैँक बढ़ता रहे।
- इंदिरा गांधी के त्यागपत्र की मांग हुई लेकिन त्यागपत्र देने के बजाय इंदिरा गांधी ने सिद्धार्थ शंकर रायए रजनी कोठारी और देवकांत बरुआ जैसे सलाहकारों के कहने पर आपातकाल की घोषणा कर दी।
- उनके समय में चापलूसी का ऐसा आलम था कि तब के कांग्रेस अध्यक्ष देवकांत बरुआ ने इंदिराजी की जय-जयकार करते हुए कह डाला था कि ' इंडिया इज इंदिरा, इंदिरा इज इंडिया।