देवरात वाक्य
उच्चारण: [ deveraat ]
उदाहरण वाक्य
- शान्त होने पर शिव ने अपना धनुष विदेह वंशज देवरात को और विष्णु ने अपना धनुष भृगुवंशी ऋचीक को धरोहर के रूप में दिया था, जो कि मेरे पास सुरक्षित है।
- शान्त होने पर शिव ने अपना धनुष विदेह वंशज देवरात को और विष्णु ने अपना धनुष भृगुवंशी ऋचीक को धरोहर के रूप में दिया था, जो कि मेरे पास सुरक्षित है।
- मौसम विभाग के क्षेत्रीय निदेशक जी. सी. देवरात ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में निम्न वायुदाव का क्षेत्र बनने से यहां अगले कुछ समय तक लगातार बारिश होने की संभावना है।
- पर सवाल उठता है कि इन जनक को देवरात का बेटा कैसे कहा जा सकता है, जबकि उनके पिता का नाम देवरातजनक नहीं, कृतिजनक था? एक ही जवाब हो सकता है।
- याज्ञवल्क्य ने पूछा-' पिताजी! महर्षि विश्वामित्र क्षत्रिय हैं, यह हमारे कुल के आदि प्रवर किस प्रकार हुए? ' देवरात ने उत्तर दिया-' महर्षि अंगिरा के वंश में अर्जित नामक एक पुरुष हुए।
- पर निमिवंश में जिन देवरात का नाम मिलता है, वे तो निमि से सत्रहवीं पीढ़ी थे, जबकि दैवराति को याज्ञवल्क्य का समकालीन होने के कारण काफी बाद का यानी महाभारत के तत्काल बाद का होना चाहिए।
- ऋषि वैशम्पायन का, देवरात का पुत्र याज्ञवल्क्य नामक एक शिष्य था जोकि बड़ा धर्मज्ञ और गुरु सेवापरायण था, एक बार किसी बात से नाराज होकर वैशम्पायन ने कहा की मेरे से पढ़े को त्याग दो.
- याज्ञवल्क भारतीय ऋषियों की परंपरा के अग्रीण विद्वान व्यक्ति हुए हैं वह ब्रह्मज्ञानी थे, महान अध्यात्म वेत्ता, योगी, धर्मात्मा और रामकथा के मुख्य प्रवक्ता रहे, पुराणों में इन्हें ब्रह्मा जी का अवतार माना गया है और श्रीमद्भागवत में उन्हें देवरात के पुत्र कहा गया है.
- अपने उपन्यास ' पुनर्नवा ' में आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ने शास्त्र सिद्ध ज्ञानी आचार्य देवरात के ठीक समानान्तर लोकवेद के प्रतीक सुमेर काका जैसे जीवंत और लचीले, साहसी और उन्मुक्त, प्रत्युत्पन्नमति सम्पन्न चरित्र को पेश कर अपने पाठकों से यह कहने की कोशिश की है कि शास्त्र ज्ञान लोकवेद के बगैर अधूरा और विचास्तंत्र मात्र है।
- हो सकता है कि अयोध्या के राजा ऋषभदेव और उनके पुत्र जड़भरत की तरह मिथिला के राजा देवरात जनक भी वैराग्यशील व्यक्ति रहे हों और जब पीढ़ियों बाद कृत्रिपुत्र जनक परम अध्यात्मवेत्ता हुए तो परम्परा ने या तब के लोगों ने उनका संबंध सीधा उन्हीं अति प्राचीन देवरात जनक से जोड़कर महावशी जनक को दैवराति कहने में अधिक सुख का अनुभव किया हो।