देवेन्द्र स्वरूप वाक्य
उच्चारण: [ devenedr sevrup ]
उदाहरण वाक्य
- ईसाई मिशनरियों ने जाति हिंदू व्यवस्था को तोड़ने के लिए इसे ब्राह्मणवाद की रचना कहना प्रारंभ किया | देवेन्द्र स्वरूप जी बताते हैं कि “ जाति प्रथा से छुटकारा दिलाने के नाम पर उन्होंने अपने धर्मांतरण के प्रयास निचली और निर्धन जातियों पर केन्द्रित कर दिये | ” इसके लिए बाईबल के जिस वाक्य को आधार बनाया गया वह है कि “ हे (जाति) बोझ से दबे और थके (दलित) लोगों, मेरे पास आओ, मैं तुम्हें विश्राम दूंगा. ”