द्विजदेव वाक्य
उच्चारण: [ devijedev ]
उदाहरण वाक्य
- ठाकुर असनी · ठाकुर असनी दूसरे · ठाकुर बुंदेलखंडी · ललकदास · खुमान · नवलसिंह · रामसहाय दास · चंद्रशेखर कवि · दीनदयाल गिरि · पजनेस · गिरिधरदास · द्विजदेव
- अपनी सर्वतोन्मुखी प्रतिभा के बल से एक ओर तो वे पद्माकर, द्विजदेव की परंपरा में दिखाई पड़ते थे, दूसरी ओर बंग देश के माइकेल और हेमचंद्र की श्रेणी में।
- सम्मन · ठाकुर असनी · ठाकुर असनी दूसरे · ठाकुर बुंदेलखंडी · ललकदास · खुमान · नवलसिंह · रामसहाय दास · चंद्रशेखर कवि · दीनदयाल गिरि · पजनेस · गिरिधरदास · द्विजदेव
- कवि · सम्मन · ठाकुर असनी · ठाकुर असनी दूसरे · ठाकुर बुंदेलखंडी · ललकदास · खुमान · नवलसिंह · रामसहाय दास · चंद्रशेखर कवि · दीनदयाल गिरि · पजनेस · गिरिधरदास · द्विजदेव
- गणेश कवि · सम्मन · ठाकुर असनी · ठाकुर असनी दूसरे · ठाकुर बुंदेलखंडी · ललकदास · खुमान · नवलसिंह · रामसहाय दास · चंद्रशेखर कवि · दीनदयाल गिरि · पजनेस · गिरिधरदास · द्विजदेव
- कृष्णदास · गणेश कवि · सम्मन · ठाकुर असनी · ठाकुर असनी दूसरे · ठाकुर बुंदेलखंडी · ललकदास · खुमान · नवलसिंह · रामसहाय दास · चंद्रशेखर कवि · दीनदयाल गिरि · पजनेस · गिरिधरदास · द्विजदेव
- सिंह · कृष्णदास · गणेश कवि · सम्मन · ठाकुर असनी · ठाकुर असनी दूसरे · ठाकुर बुंदेलखंडी · ललकदास · खुमान · नवलसिंह · रामसहाय दास · चंद्रशेखर कवि · दीनदयाल गिरि · पजनेस · गिरिधरदास · द्विजदेव
- इनके भतीजे भुवनेश जी (श्री त्रिलोकीनाथ जी, जिनसे अयोध्या नरेश ददुआ साहब से राज्य के लिए अदालत हुई थी) ने द्विजदेव जी की दो पुस्तकें बताई हैं, ' श्रृंगारबत्तीसी ' और ' श्रृंगारलतिका ' ।
- मनियार सिंह · कृष्णदास · गणेश कवि · सम्मन · ठाकुर असनी · ठाकुर असनी दूसरे · ठाकुर बुंदेलखंडी · ललकदास · खुमान · नवलसिंह · रामसहाय दास · चंद्रशेखर कवि · दीनदयाल गिरि · पजनेस · गिरिधरदास · द्विजदेव
- अनामा-(स्वगत) अहा! घन के गम्भीर निनाद से मयूरी समान राजनन्दिनी द्विजदेव के वाक्यों को श्रवण कर कैसी प्रसन्न हो गयी है, शरीर जो कुम्हलाये हुए फूल के समान था, अब कैसा प्रफुल्लित हो गया है।