नवगीत संग्रह वाक्य
उच्चारण: [ nevgait sengarh ]
उदाहरण वाक्य
- जबकि आपके प्रकाशित संकलनों में ‘ जाल फेंक रे मछेरे! ' (नवगीत संग्रह), ‘ नोहर के नाहर ' (एक समाजसेवी की जीवनी), ‘ जाड़े में पहाड ‘ (दुष्यंत कुमार अलंकरण, भोपाल के उपलक्ष्य में प्रकाशित नवगीत संग्रह) तथा शिखरिणी (नवगीत संग्रह) अब तक की कृतियाँ हैं।
- जबकि आपके प्रकाशित संकलनों में ‘ जाल फेंक रे मछेरे! ' (नवगीत संग्रह), ‘ नोहर के नाहर ' (एक समाजसेवी की जीवनी), ‘ जाड़े में पहाड ‘ (दुष्यंत कुमार अलंकरण, भोपाल के उपलक्ष्य में प्रकाशित नवगीत संग्रह) तथा शिखरिणी (नवगीत संग्रह) अब तक की कृतियाँ हैं।
- जबकि आपके प्रकाशित संकलनों में ‘ जाल फेंक रे मछेरे! ' (नवगीत संग्रह), ‘ नोहर के नाहर ' (एक समाजसेवी की जीवनी), ‘ जाड़े में पहाड ‘ (दुष्यंत कुमार अलंकरण, भोपाल के उपलक्ष्य में प्रकाशित नवगीत संग्रह) तथा शिखरिणी (नवगीत संग्रह) अब तक की कृतियाँ हैं।
- गीत-नवगीत को समर्पित डॉ. ओमप्रकाश सिंह जिनके नौ नवगीत संग्रह, एक दोहा संग्रह, एक ग़ज़ल संग्रह व एक नाटक संग्रह प्रकाशित है तथा तीन नवगीत संग्रह, एक मुक् तक संग्रह, तीन उपन् यास, एक हाइकू संग्रह व एक कहानी संग्रह प्रकाशन की प्रतीक्षा में हैं, एक बहुआयामी साहित् यकार हैं ।
- गीत-नवगीत को समर्पित डॉ. ओमप्रकाश सिंह जिनके नौ नवगीत संग्रह, एक दोहा संग्रह, एक ग़ज़ल संग्रह व एक नाटक संग्रह प्रकाशित है तथा तीन नवगीत संग्रह, एक मुक् तक संग्रह, तीन उपन् यास, एक हाइकू संग्रह व एक कहानी संग्रह प्रकाशन की प्रतीक्षा में हैं, एक बहुआयामी साहित् यकार हैं ।
- वरिष्ठ जनचेतना के कवि राधेश्याम बंधु के नवगीतों का यह चौथा संग्रह है ' नदियाँ क्यों चुप है? ‘ इसके पहले उनके तीन नवगीत संग्रह ' बरसो रे घन ‘, ' प्यास के हिरन ‘, ' एक गुमसुम धूप ‘ और एक खण्डकाव्य ' एक और तथागत ‘ भी प्रकाशित और चर्चित हो चुके हैं।
- ‘ गुरु ' के नवगीत (नवगीत संग्रह), राग-अनुराग (मुक्तक संग्रह), ग़ज़ल का दूसरा किनारा व ग़ज़ल के छिलके (ग़ज़ल संग्रह) व कंकर नर्मदा के (दोहा संग्रह), जनक छन्द मणि मालिका (जनक छन्द संग्रह) के साथ साहित्य, भक्ति व धर्म पर अनेक मौलिक एव सम्पादित पुस्तकें प्रकाशित।
- गन्धराज: रजनीगन्धा, बसन्त लौट जाओ, अर्चना, अंजुरी में आकाश, वहाँ कोई चाँद नहीं है (सभी काव्य संग्रह) खिड़की पर चाँद (नवगीत संग्रह), काँटों में फँसी रोशनी (जनवादी गीतों का संग्रह), शकुन्तला (प्रबन्ध काव्य), आइना और अक्स (ग़ज़ल संग्रह), आलोचना के नये संदर्भ तथा दो निबन्ध संग्रह अपकी प्रकाशित पुस्तके हैं।
- भिलाई में अभी हैं अशोक शर्मा, केशव पाण्डे, मोहन भारती और भगवान स्वरुप सरस पैदा हो तो हुए मैनपुरी इटावा में और नौकरी करने आए छत्तीसगढ और छतीसगढ में रहते हुए उनकी मृत्यु हो गयी, आज से तीस साल पहले उनका नवगीत संग्रह “नैनों से झांकता सूरज” आया था, अगर कोई आज भी उस संग्रह के नवगीतों को पढेगें तो अगर कहेगें कि यह पिछले साल ही निकला है तो लोग मान लेगें।
- साहित्य त्रिवेणी के ‘ यायावर विशेषांक ' एवं डा. रामसनेही लाल शर्मा ‘ यायावर ' की कृतियों, ‘ चीखती टिटहरी: हांफता अलाव ' (नवगीत संग्रह), ‘ अनहद नाद बंसुरिया कौ (ब्रज गीत संग्रह) एवं कांधे पै घर (हाइकु संग्रह) का लोकार्पण फिरोजाबाद विधायक मनीष असीजा, प्राचार्य डी. के. अग्रवाल, मनीषा के संरक्षक डा. म. ला. पाराशर सहित समूचे मंच ने किया।