नवजीवन ट्रस्ट वाक्य
उच्चारण: [ nevjiven terset ]
उदाहरण वाक्य
- इस संदर्भ में केवल इतना कहना है कि मैं संपूर्ण वांग्मय के जिन खंडों को उद्धृत कर रहा हूं, वे राजग सरकार के समय छपे हुए नहीं, बल्कि मई 1983 में नवजीवन ट्रस्ट, अमदाबाद द्वारा प्रकाशित हैं।
- महात्मा गांधी ने अंग्रेजों के डर के कारण जनता की आवाज उठाने के लिए उनके अखबारछापने के लिए किसी के भी तैयार नहीं होने पर 1919 में नवजीवन प्रेस की स्थापना की, जिसने कालांतर में नवजीवन ट्रस्ट का रूप ले लिया।
- कॉपीराईट का नियम अंग्रेजों के साथ भारत में आया लेकिन दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि किसी के मन में कभी यह सवाल और संदेह नहीं उठा कि आखिर हम कापीराईट का इस्तेमाल क्यों करें? महात्मा गांधी तक ने अपनी कापीराईट एक ट्रस्ट नवजीवन ट्रस्ट को पचास साल के लिए दे दिया था.
- हिन्द स्वराज ' को हड़बड़ी में लिखी गई भोंडी किताब करार देते हुए यही कहा कि आगे चलकर गांधी इसे खुद खारिज कर देंगे. नवजीवन ट्रस्ट द्वारा प्रकाशित ‘ हिन्द स्वराज ' की भूमिका में महादेवदेसाई ने लिखा था: “ गोखलेजी 1912 में जब दक्षिण अफ्रीका गये, तब उन्होंने वह अनुवाद देखा.