नागरीदास वाक्य
उच्चारण: [ naagaridaas ]
उदाहरण वाक्य
- नाभादास के ' भक्तमाल' पर लिखित प्रियादास की टीका, कवि मियासिंह के 'भक्त विनोद', ध्रुवदास की 'भक्तनामावली' तथा नागरीदास की 'पदप्रसंगमाला' में भी सूरदास सम्बन्धी अनेक रोचक अनुश्रुतियाँ प्राप्त होती हैं परन्तु विद्वानों ने उन्हें विश्वसनीय नहीं माना है।
- नाभादास के ' भक्तमाल ' पर लिखित प्रियादास की टीका, कवि मियासिंह के ' भक्त विनोद ', ध्रुवदास की ' भक्तनामावली ' तथा नागरीदास की ' पदप्रसंगमाला ' में भी सूरदास सम्बन्धी अनेक रोचक अनुश्रुतियाँ प्राप्त होती हैं परन्तु विद्वानों ने उन्हें विश्वसनीय नहीं माना है।
- किशनगढ़ चित्रशैली का प्रारंभ किशनगढ़ के महाराजा मानसिंह (1658-1706) के समय में हुआ और यह शैली क्रमश: सातवें और आठवें महाराजा राजसिंह (1706-1748) तथा सावंत सिंह उपनाम नागरीदास (1748-1764) द्वारा अपने विकास के चरम तक पहुंची।
- ये लिखते हैं कि पहले तो ' कृष्णगढ़ के राजा ' यह व्यावहारिक नाम सुनकर वे कुछ उदासीन से रहे पर जब उन्होंने मेरे ' नागरीदास ' (नागरी शब्द श्रीराधा के लिए आता है) नाम को सुना तब तो उन्होंने उठकर दोनों भुजाओं से मेरा आलिंगन किया, सुनि व्यवहारिक नाम को ठाढ़े दूरि उदास।