पंचदशी वाक्य
उच्चारण: [ penchedshi ]
उदाहरण वाक्य
- इस समय भी इन्होंने पीठ को गतिशील बनाया तथा पंचदशी नामक ग्रंथ का प्रणयन किया जो अद्वैत वेदांत के तत्वों के परिज्ञान के लिए नितांत लोकप्रिय ग्रंथ है।
- आप वेदांत के सारे ग्रंथों को पढ़ते चले जाइए, पंचदशी को पढ़ लीजिए, ब्रह्मसूत्र को पढ़ लीजिए, सब ग्रंथों को पढ़ लीजिए और पता लगाकर आइए कि वेदांत में क्या है?
- किसी ने पूछाः ' ' बाबाजी! आप तो ब्रह्मज्ञानी हैं, जीवनमुक्त हैं फिर आपको शास्त्र पढ़ने की क्या आवश्यकता है? आप तो अपनी आत्म-मस्ती में मस्त हैं, फिर पंचदशी पढ़ने का क्या प्रयोजन है? ”
- यदि वाहन दुर्घटना हो, घर का बंटवारा हो, झगड़ा हो, नेत्र विकार हो, कर्ज हो, कारोबार बंद होने की स्थिति हो तो शनिवार को शनि का पंचदशी यंत्र विधिवत् बनवाकर पूजन आदि के बाद धारण करें।
- हानि से बचाव तथा लाभ एवं बरकत के लिए गोरोचन, लाक्षा, कुंकुम, सिंदूर, कपूर, घी, चीनी और शहद के मिश्रण से अष्टगंध बनाकर उसकी स्याही से नीचे चित्रित पंचदशी यंत्र बनाएं तथा देवी के 108 नामों को लिखकर पाठ करें।
- दादासाहेब, विघारण्य स्वामी द्घारा रचित पंचदशी नामक प्रसिदृ संस्कृत ग्रन्थ, जिसमें अद्घैतवेदान्त का दर्शन है, उसका विवरण दूसरों को तो समझाया करते थे, परन्तु जब वे बाबा के समीप मसजिद में आये तो वे एक शब्द का भी उच्चारण न कर सके ।
- प्रत्येक दिन अलग अलग विधान संपादित किया जाता हैं. प्रथम दिन शरीर मे गुरू पूजन और यंत्र स्थापन किया जाता हैं तो दूसरेदिन स्वर्णा कर्षणभैरव मंत्र को प्रस्फुटित किया जाता हैं.तीसरे दिन धनदा पंचदशी मंत्र की जागृति की जाती हैं.चौथे दिन धनदा यक्षिणी यन्त्र चैतन्य और मंत्र सम्पुटित किया जाता हैं.पाचवे दिन भैरब गुटिका पर भैरव मंत्र जप तथा छठे दिन भैरवी गुटिका पर भैरवी धनदा को सिद्ध किया जाता हैं.सातवे दिन सबंधित जप और पुर्णाहुति समपन्न की जाती हैं.