पानीपत की तीसरी लड़ाई वाक्य
उच्चारण: [ paanipet ki tiseri ledae ]
उदाहरण वाक्य
- [नवीन निगम] उत्तर प्रदेश के अयोध्या में प्रस्तावित चौरासी कोसी यात्रा ने एक नई राजनीतिक उथलपुथल मचा दी है। आजकल वैसा ही माहौल है जैसा 1761 में पानीपत की तीसरी लड़ाई के समय था। अब्दाली से लडऩे के लिए जब मराठे
- जब अहमदशाह अब्दाली ने पानीपत की तीसरी लड़ाई जीत ली तो कहते हैं कि महाराष्ट्र में ऐसा कोई परिवार नहीं बचा जिसका एक सदस्य लड़ाई में न मारा गया हो, न जाने कितने लोगों को अफ़ग़ानिस्तान में गुलाम बनाकर बेच दिया गया.
- माधोजी सिंधिया के दो प्रमुख और विश्वस्त सेनापतियों के नाम थे हीराखां पिंडारी और तुरानखां पिंडारी! पानीपत की तीसरी लड़ाई में पिंडारी सरदार हूलसवार ने पन्द्रह हजार सवार लेकर मराठों के लिये युद्ध किया था और वीरगति को प्राप्त हुए थे।
- मराठे पानीपत की तीसरी लड़ाई से उबर नही पाए थे, मुग़ल सम्राट तक उसके यहाँ शरणार्थी था, उसे अहमद शाह अब्दाली की मित्रता प्राप्त थी जनवरी १७६४ मे मीर कासिम उस से मिला उसने धन तथा बिहार के प्रदेश के बदले उसकी सहायता खरीद ली।
- मराठे पानीपत की तीसरी लड़ाई से उबर नही पाए थे, मुग़ल सम्राट तक उसके यहाँ शरणार्थी था, उसे अहमद शाह अब्दाली की मित्रता प्राप्त थी जनवरी 1764 मे मीर कासिम उस से मिला उसने धन तथा बिहार के प्रदेश के बदले उसकी सहायता खरीद ली।
- मराठे पानीपत की तीसरी लड़ाई से उबर नही पाए थे, मुग़ल सम्राट तक उसके यहाँ शरणार्थी था, उसे अहमद शाह अब्दाली की मित्रता प्राप्त थी जनवरी 1764 मे मीर कासिम उस से मिला उसने धन तथा बिहार के प्रदेश के बदले उसकी सहायता खरीद ली।
- एक छोटे शासक होने के बावजूद वे भारत के इतिहास के दो प्रमुख युद्धों में भाग लेने के लिए जाने जाते हैं-पानीपत की तीसरी लड़ाई, जिसने भारत में मराठों का वर्चस्व समाप्त किया, और बक्सर की लड़ाई, जिसने अंग्रेज़ों की हुकूमत स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई।
- सन् १ ७ ६ १-पानीपत की तीसरी लड़ाई, शाहआलम द्वितीय भारत के सम्राट बने सन् १ ७ ६ ४-बक् सर की लड़ाई सन् १ ७ ६ ५-क् लाइव को भारत में कंपनी का गर्वनर नियुक् त किया गया सन् १ ७ ६ ७ से-सन् १ ७ ६ ९ तक पहला मैसूर युद्ध
- एक कमजोर मुगल साम्राज्य करनाल की लड़ाई, जिसके बाद नादिर शाह की सेना विजयी पर आक्रमण किया और लूटा दिल्ली खो दिया है, दूर मयूर सिंहासन सहित कई खजाने, पेट एक संधि 1752 बनाया मुगल सिंहासन के रक्षक पर मराठों में हस्ताक्षर कि ए. दिल्ली. 1761 में, के बाद मराठों पानीपत की तीसरी लड़ाई हार, दिल्ली अहमद शाह अब्दाली ने छापा मारा था.
- सतीश साहब, आपकी पिछली पोस्ट ने तो पानीपत की तीसरी लड़ाई का आँखों देखा हाल प्रस्तुत किया और इस पोस्ट में कुल मिला के जितनी बार रसगुल्लों का नाम आया है, मैं इस सोच में हूँ कि उतने बने थे कि नहीं क्योंकि आजकल नोटों की माला और रसगुल्लों के प्याले का हिसाब भी आयकर रिटर्न में भरना पड़ता है, ये राजीव जी को फंसाने की आप लोगो की मिली जुली साजिश तो नहीं है वैसे अच्छा है कि समीर लाल जी खीर खिलाएंगे और उस आयोजन में तो हम जरूर टेंट फाड़ कर घुस जायेंगे