पीलू मोदी वाक्य
उच्चारण: [ pilu modi ]
उदाहरण वाक्य
- शून्यकाल की ये अवधारणा पिछली सदी के साठ के दशक में संसद में आए डॉक्टर राम मनोहर लोहिया, पीलू मोदी, मधु लिमये, लाडली मोहन निगम जैसे प्रखर समाजवादियों की मांग पर शुरू हुई थी।
- इन लगातार पराजयों ने पीलू मोदी को भी तोड़ दिया उन्होंने 1974 में पार्टी का चौधरी चरणसिंह के नेतृत्ववाले भारतीय क्रांतिदल में विलय कर दिया और इस विलय के बाद जो नई पार्टी बनी उसका नाम था भारतीय लोकदल।
- कभी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अब्दुल रहमान अंतुले थे और संसद में महाराष्ट्र के भ्रष्टाचार की चर्चा चल रही था तब सांसद पीलू मोदी ने अपने शायराना अंदाज में ये पंक्तिया सुनाई जो लोगों की जुबान पर चढ़ गई-
- इन लगातार पराजयों ने पीलू मोदी को भी तोड़ दिया उन्होंने 1974 में पार्टी का चौधरी चरणसिंह के नेतृत्ववाले भारतीय क्रांतिदल में विलय कर दिया और इस विलय के बाद जो नई पार्टी बनी उसका नाम था भारतीय लोकदल।
- जवाहर लाल नेहरू के समय से राममनोहर लोहिया, मधु लिमये, पीलू मोदी, एनसी बनर्जी, अटल बिहारी वाजपेयी, जॉर्ज फनरंडीज, सोमनाथ चटर्जी सरीखे अनगिनत राजनेताओं ने संसदीय बहस और बैठकों को नया आयाम दिया।
- स्वतंत्र पार्टी: अगस्त 1959 में स्वतंत्र भारत के प्रथम गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी, के एम मुंशी, प्रोफेसर एन जी रंगा, मीनू मसानी और पीलू मोदी आदि द्वारा इस दल की स्थापना बड़े जमींदारों, पूँजीपतियों के हितार्थ की गई थी।
- साठ से लेकर सत्तर के दशक की संसद की कार्यवाही गवाह है कि मधु लिमये, पीलू मोदी, लाडली मोहन निगम और मनीराम बागड़ी की छोटी टीम ने इंदिरा गांधी जैसी करिश्माई ताकत को भी हिचकोले खाने के लिए मजबूर कर दिया था।
- विपक्ष के सभी दिग्गज अभी भी जेल में थे, इनमें जयप्रकाश नारायण, मोरारजी देसाई, अटल बिहारी वाजपेयी, राजनारायण, लालकृष्ण आडवाणी और पीलू मोदी जैसे बड़े नामों के साथ कांग्रेस के चन्द्रशेखर, मोहन धारिया, कृष्णकांत, रामधन और पी.एन. सिंह जैसे नेता भी उनके साथ जेलों में थे।
- नेहरू जी के समय की राजनीति में पीलू मोदी, डॉ राममनोहर लोहिया, श्री मधु लिमए, श्री प्रकाशवीर शास्त्री और कांग्रेस के अन्दर श्री फिरोज गांधी अपनी बातो को द्रढता से रखते थे और संसद के सेन्ट्रल हाल में कुछ इस तरह मिलते थे जैसे की कुछ हुआ ही ना हो.
- लोकबंधु जय प्रकाश नारायण, मोरारजी देसाई, चरण सिंह, लाल कृष्ण अडवानी, जार्ज फर्नाण्डिस, पीलू मोदी आदि राष्ट्रीय स्तर के नेता आतंकवादियों की तरह रात के अंधेरे में घर से उठा लिए गए और मीसा (Maintenance of Internal Security Act) के तहत अनजाने स्थान पर कैद कर किए गए।