प्रेसीडेंसी कालेज वाक्य
उच्चारण: [ peresidenesi kaalej ]
उदाहरण वाक्य
- ऐसा आमतौर पर माना जाता रहा है देश के सबसे पुराने कालेजों मे से एक प्रेसीडेंसी कालेज के छात्र रहे विमलेश ये दो विपरीत मानी जाने वाली योग्यता साथ लेकर चलते हैं.
- अमरीका की ए टी एंड टी बेल लेबोरेटरीज में वरिष्ठ तकनीकी कर्मचारी रजत चन्द्रा ने कोलकाता के प्रेसीडेंसी कालेज, साइंस कालेज, साहा इंस्टीट्यूट ऑफ न्युक्लियर फिजिक्स और न्यूयार्क के रोचस्टर विश्वविद्यालय में शिक्षा पाई है।
- वैसे प्रेसीडेंसी कालेज कलकत्ता से परास्नातक और मैसाच्यूट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालजी से अर्थशास्त्र में पी. एच. डी करने के बाद उन्होंने थोड़े समय के लिये लंदन स्कूल ऑफ इकानामिक्स और दिल्ली स्कूल आफ इकानामिक्स में अध्यापन भी किया था।
- प्रेसीडेंसी कालेज में विद्यार्थियों को रसायन की कक्षा में व्याख्यान देते समय भी आचार्य प्रफुल्ल चन्द्र राय यह कहना नहीं भूलते थे कि “साइंस कैन वेट वट स्वराज कैन नाट” अर्थात् विज्ञान प्रतीक्षा कर सकता है परन्तु स्वराज नहीं।
- प्रेसीडेंसी से इतिहासविद बेंजामिन जकारिया की विदाई! एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वासजिन हालात में फेसबुक मंतव्य के लिए विख्यात इतिहासविद बेंजामिन जकारिया की प्रेसीडेंसी कालेज से विदाई हो गयी, उससे यादवपुर विश्वविद्यालट के शिक्षक अंबिकेश महापात्र की याद ताजा हो गयी।
- प्रेसीडेंसी कालेज में विद्यार्थियों को रसायन की कक्षा में व्याख्यान देते समय भी आचार्य प्रफुल्ल चन्द्र राय यह कहना नहीं भूलते थे कि “साइंस कैन वेट वट स्वराज कैन नाट” अर्थात् विज्ञान प्रतीक्षा कर सकता है परन्तु स्वराज नहीं।
- इसी प्रेसीडेंसी कालेज में परीक्षा के बाद बाबू राजेंद्र की उत्तर-पुस्तिका की जाँच करते समय परीक्षक ने उनकी उत्तर-पुस्तिका पर ही लिखा कि ' ' The examinee is better than the examiner. '' (परीक्षार्थी, परीक्षक से बेहतर है।
- विज्ञान से इसी लगाव के कारण एफ. ए. के पाठ्यक्रम में भी उनका पूरा ध्यान रयासन शास्त्र के अध्ययन पर ही रहता था, जिसके गहन अध्ययन के लिए वे प्रेसीडेंसी कालेज में भी रसायन के व्याख्यान सुनने के लिए जाते रहते थे।
- विज्ञान से इसी लगाव के कारण एफ. ए. के पाठ्यक्रम में भी उनका पूरा ध्यान रयासन शास्त्र के अध्ययन पर ही रहता था, जिसके गहन अध्ययन के लिए वे प्रेसीडेंसी कालेज में भी रसायन के व्याख्यान सुनने के लिए जाते रहते थे।
- प्रभाजी ने कोलकाता के एक सबसे प्रतिश्ठित कालेज, प्रेसीडेंसी कालेज से दर्शनशास्त्र में एम. ए. किया था और वह भी एक ऐसे काल में जब पश् चि म बंगाल की राजनीति संक्रमण के एक सबसे तूफानी दौर से गुजर रही थी।