बहाउल्लाह वाक्य
उच्चारण: [ bhaaulelaah ]
उदाहरण वाक्य
- इसकी स्थापना बहाउल्लाह नाम के व्यक्ति ने की थी और इसके मतों के मुताबिक दुनिया के सभी मानव धर्मों का एक ही मूल है ।
- इसलिए हमें भी बहाउल्लाह की तरह अपनी इच्छा नहीं वरन् प्रभु की इच्छा और प्रभु की आज्ञा का पालन करते हुए प्रभु का कार्य करना चाहिए।
- सभी अवतारों राम, कृष्ण, बुद्ध, महावीर, ईशु, मोहम्मद, नानक, बहाउल्लाह का भी जन्म होता है तथा मृत्यु होती है।
- बहाई धर्म के प्रणेता बहाउल्लाह के शब्दों में “ओ लोगों! धर्म का उद्देश्य प्रेम और एकता है, इसे घृणा और वैमनस्य का कारण मत बनाओ ”
- ये सभी अवतार राम, कृष्ण, बुद्ध, ईशु, मोहम्मद, नानक, महावीर, मोजज, जोरास्टर, बहाउल्लाह आदि हमारे सच्चे गुरू हैं।
- “बहाउल्लाह” को इस युग का ईश्वरीय अवतार मानने वाले अनुयायी बहाई कहलाते हैं | बहाउल्लाह द्वारा लिखी गई पुस्तक “किताब-ए-अकदस” में इसके सिद्धांतों का विवरण मिलता है
- इसके अलावा बहाउल्लाह की पहचान यशायाह ५३ के पीड़ित नौकर के रूप में करना एक अतिशयोक्ति होगा और उनके जीवन के प्रकाश में एक कट्टरपंथी प्रस्थान होगा.
- बहाउल्लाह ” के सन्देश की मुख्य अवधारणा थी कि सम्पूर्ण मानव एक जाति है और वह समय आ गया है, जब वह एक वैश्विक समाज में बदल जाये.
- राम, कृष्ण, बुद्ध, महावीर, ईशु, मोहम्मद, नानक, बहाउल्लाह आदि अवतारों का परमात्मा एक ही है तो हमारा परमात्मा अलग-अलग कैसे हो सकता।
- बहाउल्लाह ने कहा है कि सब धर्मों का एक ही सार है तथा मानव मात्र ही एकता स्थापित करना ही आज के युग की समस्याओं का एकमात्र समाधान है।