बाबा बालकनाथ वाक्य
उच्चारण: [ baabaa baaleknaath ]
उदाहरण वाक्य
- उनकी विशेषता यह है कि वे भगवान शिव, बाबा रामदेव, मां भगवती, खाटू श्याम, हनुमान जी, बाबा बालकनाथ, बाबा लालजी, शनिदेव आदि के जागरण बखूबी कर चुके हैं।
- सिद्ध श्री बाबा बालकनाथ जी के पवित्र झण्डे की शोभा यात्रा शिव चौक से भक्त सुरेश गुप्ता व विजय कपूर शिष्य संत तरसेम लाल लुधियाना वाले की अगुवाई में जयचंद गुप्ता निवास स्थान से प्रारम्भ हुई।
- लेकिन बाबा बालकनाथ ने राजा को पहले ही यह हिदायत दे दी थी कि जिस पल तुम्हारे महल की छाया मुझपर या मेरी झोपड़ी पर पड़ी उसी पल तुम्हारा राज और यह महल सब समाप्त हो जाएगा.
- सिद्ध बाबा बालकनाथ युटियुब चैनल हमारे ब्लॉग का ही भाग है * ये बाबा जी के भक्तो की सेवा के लिए ही बनाया गया-यहाँ बाबा जी के भक्तो के लिए सुंदर सुंदर भजन अपलोड किए जाते है..
- नोएडा सेक्टर 62 में पांच साल पहले स्थापित किए गए बाबा बालकनाथ मंदिर के संस्थापक धीरज कुमार के पुत्र रोहित राणा ने कहा, “हमने आरुषि की आत्मा की शांति के लिए सुबह शांति हवन का आयोजन किया और उसके बाद प्रार्थना सभा की गई।”
- नोएडा सेक्टर 62 में पांच साल पहले स्थापित किए गए बाबा बालकनाथ मंदिर के संस्थापक धीरज कुमार के पुत्र रोहित राणा ने कहा, '' हमने आरुषि की आत्मा की शांति के लिए सुबह शांति हवन का आयोजन किया और उसके बाद प्रार्थना सभा की गई।
- बड़ी सोचनीय स्थिति में फँस जाते हैं और कहते हैं. लंगोटा नंदजी महाराज......... सिद्ध बाबा बालकनाथ त्रिकालज्ञ कल्याण हो! आप आये मठ में हमारे, हमें भी हैरत है, कभी हम अपनी लंगोट देखते हैं, कभी आपको......? श्री श्री बाबा शठाधीश जी महाराज.......
- पुलिसिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीते दिवस मोनू पुत्र महेंद्र गुप्ता निवासी रानीगंज फाटक (प्रमुख व्यवसायी) तथा अमल अग्रवाल पुत्र श्रवण कुमार अग्रवाल प्रो ० बाबा बालकनाथ ट्रेडर्स, मेला रोड के बीच 6 लाख रुपए का पुराना लेन देन था, मोनू को अमल अग्रवाल से 6 लाख रुपए लेने थे.
- बाबा बालकनाथ जी की कहानी बाबा बालकनाथ अमर कथा में पढ़ी जा सकती है, ऐसी मान्यता है, कि बाबाजी का जन्म सभी युगों में हुआ जैसे कि सत्य युग,त्रेता युग,द्वापर युग और वर्तमान में कल युग, और हर एक युग में उनको अलग-अलग नाम से जाना गया जैसे “सत युग” में “ स्कन्द ”, “ त्रेता युग” में “ कौल” और “ द्वापर युग” में “महाकौल” के नाम से जाने गये।
- बाबा बालकनाथ जी की कहानी बाबा बालकनाथ अमर कथा में पढ़ी जा सकती है, ऐसी मान्यता है, कि बाबाजी का जन्म सभी युगों में हुआ जैसे कि सत्य युग,त्रेता युग,द्वापर युग और वर्तमान में कल युग, और हर एक युग में उनको अलग-अलग नाम से जाना गया जैसे “सत युग” में “ स्कन्द ”, “ त्रेता युग” में “ कौल” और “ द्वापर युग” में “महाकौल” के नाम से जाने गये।